होशियारपुर, 12 अगस्त : नगर सुधार ट्रस्ट होशियारपुर के चेयरमैन गुरविंदर सिंह पाबला ने बताया कि ट्रस्ट कार्यालय की ओर से सरकारी संपत्तियों पर किए गए नाजायज कब्जों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कार्रवाई के तहत ट्रस्ट की स्कीम नंबर-10 (डॉ. अंबेडकर नगर), होशियारपुर में पिछले करीब 20 वर्षों से कब्जे में रहे दो प्लॉटों को कब्जामुक्त करवाया गया है।
चेयरमैन ने बताया कि स्कीम नंबर-10 में प्लॉट नंबर 369-बी, जिसका रकबा करीब 214 वर्ग गज (लगभग 10 मरले) है, पर कब्जाधारियों द्वारा चारदीवारी कर गेट लगाया गया था। ट्रस्ट कार्यालय की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए कब्जा अपने अधीन लिया और गेट पर ताला लगा दिया।
इसी प्रकार प्लॉट नंबर 400-ए, जिसका रकबा करीब 370 वर्ग गज (लगभग 16 मरले) है, पर भी कब्जाधारियों द्वारा सड़क बनाकर अपने निवास को रास्ता दिया गया था तथा प्लॉट के सामने बड़ा गेट लगाया गया था। ट्रस्ट कार्यालय की कार्रवाई के दौरान गेट हटाकर प्लॉट का कब्जा वापस लिया गया और मौके पर ट्रस्ट की संपत्ति संबंधी बोर्ड लगा दिया गया।
पाबला ने बताया कि सरकार की ओर से जारी हिदायतों के अनुसार इन दोनों प्लॉटों को ट्रस्ट कार्यालय की ओर से ई-ऑक्शन के माध्यम से बेचा जाएगा। इससे ट्रस्ट को राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है, जिसे होशियारपुर शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसी तरह ट्रस्ट की स्कीम नंबर: 2 (राजीव गांधी एवेन्यू) में हेल्थ सेंटर 3292 वर्ग गज और प्राइमरी स्कूल 6248 वर्ग गज, जिसकी ट्रस्ट कार्यालय की ओर से वर्ष 2025-26 की ऑक्शन में कीमत 30435 रुपए प्रति वर्ग गज (7 लाख रुपए प्रति मरला) निर्धारित की गई थी। इस ऑक्शन में इन 2 जायदादों का रेट ज्यादा होने के कारण कोई बोलीकार नहीं आया था। इसे देखते हुए सरकार द्वारा निर्धारित प्राइज एंड रेंट फिक्सेशन कमेटी जिसकी अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर द्वारा की जाती है, उनके द्वारा साल 2025-26 के रेटों को 25 प्रतिशत घटाते हुए, इन 2 जायदादों की कीमत 22826 रुपए प्रति वर्ग गज या 5 लाख 25 हजार रुपए कर दी गई। जिससे इन 2 जायदादों को बेचने में आसानी हो जाएगी। इसी तरह ट्रस्ट दफ्तर की अन्य पड़ी पुरानी प्रॉपर्टियों को जल्द ही ई-ऑक्शन के जरिए बेचने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि ट्रस्ट दफ्तर की स्कीम नंबर 2 (राजीव गांधी एवेन्यू) में जो 7.72 एकड़ पॉकेट में अलग-अलग रकबे के 120 प्लाट वर्क आउट किए गए हैं और उनमें से सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार 58 विभिन्न रकबे के प्लाटों का ड्रॉ जल्द ही निकाला जाना है, उस पॉकेट की डेवलपमेंट के कामों संबंधी सरकार द्वारा टेंडर प्रक्रिया को सहमति दे दी गई है और जल्द ही मौके पर काम शुरू हो जाएंगे।
