नई दिल्ली । दिल्ली में नीट, झारखंड में JPSC पेपर लीक विवाद के बीच पंजाब में भी कथित पेपर लीक का मामला काफी गर्माया था। दरअसल, 19 जुलाई को पंजाब में हुई फार्मासिस्ट ऑफिसर्स की भर्ती परीक्षा के पेपर लीक को लेकर पंजाब में सियासी घमासान काफी दिनों से चल रहा था।
इस घमासान के बीच पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को यह माना कि पेपर लीक हुआ था और हाईकोर्ट ने इस भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट 17 सितंबर को अगली सुनवाई करेगा।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक पेंडिंग रिट पिटीशन का हवाला देते हुए बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा अधिसूचित किए गए 454 फार्मासिस्ट (फार्मेसी ऑफिसर) पोस्ट के लिए चल रहे भर्ती अभियान पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने राज्य और रेस्पोंडेंट्स को जवाब फाइल करने के लिए समय दिया है। अब इस केस की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का यह आदेश भगवंत मान सरकार के लिए किसी झटके से कम नहीं है क्योंकि सरकार की ओर से यही दावा किया जा रहा था कि पेपर लीक नहीं हुआ है, लेकिन हाईकोर्ट से इस टिप्पणी से यह तय हो गया है कि पेपर लीक हुआ था। ऐसे में अब राज्य सरकार और आम आदमी पार्टी के सीनियर नेताओं के सामने यह दुविधा होगी कि क्या वह शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई एक्शन लेगी?
मनीष सिसोदिया ने कही थी इस्तीफे की बात
बता दें कि दिल्ली में नीट पेपर लीक को लेकर जिस वक्त कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन चल रहा था उस आंदोलन में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत पार्टी के कई सीनियर नेता पहुंचे थे। उसी आंदोलन में मनीष सिसोदिया से पंजाब पेपर लीक को लेकर सवाल किया गया था तो सिसोदिया ने कहा था कि अगर पंजाब में पेपर लीक होगा तो मैं, अरविंद जी और भगवंत मान साहब पंजाब के शिक्षा मंत्री को हटाएंगे।
पॉलिटिकल रिएक्शन : पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा है कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने फार्मेसी ऑफिसर रिक्रूटमेंट की परीक्षाएं जुलाई 2026 में हुई थीं, फरीद यूनिवर्सिटी (BFUHS) द्वारा उसे करवाया गया था। उस पर रोक लगा दी गई है। हाई कोर्ट ने माना है कि पेपर लीक हुआ था।
संबित पात्रा ने कहा कि जब पेपर लीक हुआ था तो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बार-बार कहा था कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ था। ये दिखाता है कि चाहें कांग्रेस पार्टी हो या आम आदमी पार्टी हो, उनके दोहरे मानदंड हैं।
बीजेपी पंजाब की ओर से कहा गया है कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने फार्मेसी ऑफिसर भर्ती प्रोसेस पर रोक लगा दी है, जिससे पेपर लीक मामले पर कानूनी मुहर लग गई है। अब आम आदमी पार्टी क्या जवाब देगी? क्या वे अब भी पेपर लीक से इनकार करेंगे, या कोर्ट के रिकॉर्ड देखने के बाद झूठे दावे करना बंद कर देंगे?
शिरोमणि अकाली दल (बादल) के द्वारा परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण कानून का समर्थन करने के बाद पंजाब का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इस तरह की चर्चा पूरे पंजाब में जोर-शोर से है कि बीजेपी और अकाली दल के रिश्तों में जमी बर्फ पिघल रही है। माना जा रहा है कि गठबंधन को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है।
