गढ़शंकर। गांव बारापुर के पंचायती जंगल में कथित तौर पर धड़ल्ले से अवैध माइनिंग किए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत का आरोप है कि संबंधित विभागों को लिखित शिकायत देने के बावजूद अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्राम पंचायत की ओर से वन विभाग और माइनिंग विभाग को 15 अगस्त को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गांव के पंचायती जंगल में पड़ती शामलात जमीन पर साथ लगते फार्मों के संचालकों द्वारा कथित तौर पर अवैध माइनिंग की जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि इससे पंचायती भूमि और जंगल को नुकसान पहुंच रहा है।
शिकायत पर सरपंच संतोष कुमारी, पूर्व सरपंच सुरिंदर पाल, नंबरदार प्रकाश सिंह तथा पंच मनदीप कौर, निर्मल सिंह, परगण सिंह, शिवानी और सुरिंदर कुमार के हस्ताक्षर हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जब वे अवैध माइनिंग रोकने का प्रयास करते हैं तो उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं। पंचायत ने आरोप लगाया कि माइनिंग वन अधिनियम की धारा 4 और 5 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए की जा रही है।
पंचायत ने संबंधित विभागों से मांग की है कि अवैध माइनिंग को तुरंत बंद करवाया जाए तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए। पंचायत का कहना है कि शिकायत देने के बावजूद समाचार लिखे जाने तक वन विभाग या माइनिंग विभाग का कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा था।
सरपंच संतोष कुमारी ने कहा कि यदि अवैध माइनिंग को तुरंत बंद नहीं करवाया गया तो वह गांववासियों को साथ लेकर गढ़शंकर-नंगल मार्ग पर धरना देंगी। उन्होंने कहा कि पंचायती रकबे की पैमाइश करवाने के बाद मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
डीएफओ हरभजन सिंह : पंचायत की शिकायत मिली है और एसडीएम गढ़शंकर को लिख कर भेजा है कि माइनिंग कमेटी से जांच करवाने के बाद
कारवाई की जाएगी।
