रोहित जसवाल। अंब: हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के उपमंडल अंब की ग्राम पंचायत चौआर में पारिवारिक विवाद सुलझाने को लेकर शुरू हुआ मामला अब दो पक्षों की क्रॉस शिकायतों तक पहुंच गया है। एक ओर पंचायत के उपप्रधान ने महिला पर ड्यूटी के दौरान थप्पड़ मारने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरी ओर महिला ने उपप्रधान समेत तीन लोगों पर देर रात शराब के नशे में घर में घुसकर मारपीट, अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की पुष्टि डीएसपी अंब अनिल पटियाल ने की है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है।
उपप्रधान ने लगाया मारपीट का आरोप
ग्राम पंचायत चौआर के उपप्रधान सुखदेव सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 23 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे गांव निवासी तरसेम लाल ने उन्हें फोन कर बताया कि उसके घर में पारिवारिक विवाद चल रहा है। इसके बाद सुखदेव सिंह अन्य पंचायत सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे और विवाद को शांत करवाने का प्रयास किया।
शिकायत के अनुसार, महिला प्रवीण कुमारी उर्फ ज्योति को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह कथित तौर पर उग्र हो गई। उपप्रधान का आरोप है कि महिला ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और थप्पड़ मारे।
पुलिस ने उपप्रधान की शिकायत के आधार पर महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 और 121(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला ने लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर, प्रवीण देवी ने 24 अगस्त को डीएसपी अंब को शिकायत देकर उपप्रधान सुखदेव सिंह, अपने ससुर तरसेम लाल और एक अन्य व्यक्ति चेतराम पर गंभीर आरोप लगाए।
महिला का आरोप है कि 23 अगस्त की रात करीब 8 बजे तीनों व्यक्ति कथित तौर पर शराब के नशे में उसके घर में जबरन दाखिल हुए और उसके साथ गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार करने लगे। महिला के मुताबिक विरोध करने पर उसके साथ कथित तौर पर खींचतान और मारपीट की गई तथा उसे बाहर खींचने का प्रयास किया गया।
महिला ने दावा किया कि वह किसी तरह खुद को छुड़ाकर कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर लिया। आरोप है कि इसके बाद भी तीनों व्यक्ति कमरे के बाहर खड़े होकर उसे धमकाते रहे।
महिला के अनुसार, उसने पंचायत प्रधान को फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद प्रधान मौके पर पहुंचे और कथित तौर पर उसके शरीर पर खरोंच व खींचतान के निशान देखे।
पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
महिला ने अपनी शिकायत में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि घटना के बाद पुलिस रात करीब 12 बजे उसके घर पहुंची, लेकिन उसकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि समय रहते उसका मेडिकल परीक्षण नहीं करवाया गया।
महिला का दावा है कि उसे पहले भी कथित तौर पर परेशान और प्रताड़ित किया जाता रहा है।
डीएसपी बोले- निष्पक्ष जांच होगी
डीएसपी अंब अनिल पटियाल ने बताया कि महिला की ओर से उपप्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट और प्रताड़ना संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत को आगामी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थाना को भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में पुलिस सभी तथ्यों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।