रिक्त पद भरने और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने की मांग
एएम नाथ। शिमला : प्रदेश की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सोमवार को सदन में भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने सरकार का ध्यान गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में केवल लोगों की सेहत ही नहीं, बल्कि पूरी स्वास्थ्य प्रणाली की सेहत भी लगातार खराब होती जा रही है। दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहां लोगों को बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के लिए भी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक डॉ. जनक राज ने सदन में भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल स्थिति, चिकित्सकों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव का मुद्दा प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत दुर्गम क्षेत्र होने के कारण भरमौर और पांगी के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। कई स्थानों पर पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को उपचार के लिए दूरदराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित करने, रिक्त पदों को भरने तथा चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि दुर्गम क्षेत्रों में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि वहां स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।
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ज्वलंत स्वास्थ्य मुद्दों पर सरकार से गंभीर कदम उठाने की मांग
डॉ. जनक राज ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर भी सदन में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की कमी का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। विशेषकर दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में समय पर उपचार मिलना लोगों के लिए जीवन-मरण का प्रश्न बन सकता है।
विधायक ने सरकार से मांग की कि स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक आधारभूत ढांचे, दवाइयों, उपकरणों और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था की जाए। साथ ही डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार को जमीनी स्तर की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देते हुए ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे।
