एएम नाथ। शिमला, 27 अगस्त : हिमाचल प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को कांगड़ा जिले के रक्कड़-परागपुर में जल जीवन मिशन के तहत जल शक्ति विभाग के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला गरमा गया। भाजपा विधायक आशीष शर्मा के सवाल पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में कहा कि रक्कड़-परागपुर में उनके परिवार की पुश्तैनी जमीन पर पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में परिवार को सूचित किए बिना जल शक्ति विभाग ने पानी का टैंक बना दिया था। उन्होंने कहा कि उनका परिवार उस जमीन को बेचना नहीं चाहता था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जमीन पत्थर वाली थी और वहां क्रशर लगाया जा सकता था। पानी का टैंक बनने के बाद उसके 500 मीटर के दायरे में खनन की अनुमति नहीं मिलती। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई ने भी जमीन सरकार को देने से इनकार कर दिया था और मामला नादौन कोर्ट तक पहुंचा, जहां स्टे भी मिला था।
सुक्खू ने कहा कि जब अधिकारियों की नौकरी पर संकट की स्थिति बनी तो उन्होंने स्वयं अपने भाई को जमीन सरकार को देने के लिए राजी किया, ताकि क्षेत्र के लोगों को पीने का पानी उपलब्ध करवाया जा सके।
50 लाख रुपये प्रति कनाल कीमत, 18 लाख में खरीदी जमीन
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि रक्कड़-परागपुर क्षेत्र में जमीन की कीमत करीब 50 लाख रुपये प्रति कनाल है। इसके बावजूद सरकार ने उनके परिवार की 10 कनाल जमीन 18 लाख रुपये में खरीदी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जमीन का भुगतान पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में किया गया था।
उन्होंने कहा कि जमीन का अधिग्रहण भू-अधिग्रहण के लिए गठित कमेटी की सिफारिशों के आधार पर किया गया था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा चुकी है।
आशीष शर्मा ने उठाए सवाल
भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि वर्ष 2012 में यह जमीन करीब 2,700 रुपये में खरीदी गई थी, जबकि बाद में विभाग ने इसी जमीन को 18 लाख रुपये में खरीदा। उन्होंने मामले की पूरी स्थिति सदन में स्पष्ट करने की मांग की।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस मामले से संबंधित सवाल पहले भी विधानसभा में लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जमीन की खरीद पूर्व भाजपा सरकार के समय हुई थी।
जयराम ठाकुर बोले- जमीन किस दर पर और किस विभाग ने खरीदी, स्पष्ट करे सरकार
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस मामले में स्थिति बेहतर तरीके से स्पष्ट कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था।
इस पर जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार बार-बार पूर्व भाजपा सरकार का जिक्र कर रही है, जबकि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि जमीन किस दर पर और किस विभाग ने खरीदी थी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि जमीन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नाम पर थी और सरकार को इसकी जानकारी होती, तो ऐसी जमीन खरीदने का फैसला नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि ऐसा कोई संदेश न जाए कि दोनों पक्षों ने मिलकर कुछ किया है।
भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने भी सरकार से मामले में पूरी जानकारी सदन के सामने रखने की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष ने रिकॉर्ड देखने की बात कही
मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वह रिकॉर्ड देखकर पता लगाएंगे कि यह सवाल पहले सदन में पूछा गया था या नहीं।
इस पर भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि पहले पूछा गया सवाल अलग था और वर्तमान सवाल अलग है। उन्होंने कहा कि विधायक होने के नाते उन्हें सवाल पूछने का पूरा अधिकार है।
