रामलीला मैदान में शुद्धिकरण को लेकर टिप्पणी का मामला; युवक ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने का लगाया आरोप
हल्द्वानी। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी के रामलीला मैदान में शुद्धिकरण को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह मामला जवाहर नगर निवासी 26 वर्षीय अमित कुमार की शिकायत पर कोतवाली थाने में दर्ज किया गया है। अमित वाल्मीकि समुदाय से हैं और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े बताए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण यज्ञ को जातिगत रंग देते हुए इसे छुआछूत से जोड़ दिया। अमित का दावा है कि इस टिप्पणी से वाल्मीकि समाज की भावनाएं आहत हुईं और उनके तथा कार्यक्रम से जुड़े अन्य लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
11 अगस्त को हुआ था शुद्धिकरण अनुष्ठान
अमित कुमार के अनुसार, 8 अगस्त को रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा हुई थी। उनके आरोप के मुताबिक कार्यक्रम के बाद मैदान में काफी कूड़ा-कचरा और खाली शराब की बोतलें मिली थीं। इसके बाद 11 अगस्त को मैदान की सफाई कर धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादा की पुनर्स्थापना के लिए हवन-शुद्धिकरण का आयोजन किया गया।
शिकायतकर्ता ने कहा कि इस धार्मिक अनुष्ठान में विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए थे और इसका किसी व्यक्ति की जाति से कोई संबंध नहीं था। उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने मामले की पूरी जानकारी लिए बिना शुद्धिकरण को छुआछूत से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की।
धमकी मिलने का भी लगाया आरोप
अमित कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद उनके और समिति से जुड़े लोगों पर सामाजिक व राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने धमकी मिलने का भी दावा किया और अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा, आजीविका तथा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने पुलिस से राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की वीडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और 8 व 11 अगस्त के कार्यक्रमों से संबंधित फोटो-वीडियो की जांच करने तथा संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने की मांग की।
कई धाराओं में मामला दर्ज
हल्द्वानी पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें अलग-अलग समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस के अनुसार एफआईआर की प्रतियां नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भी भेजी गई हैं।
शुद्धिकरण को लेकर आमने-सामने कांग्रेस और भाजपा
रामलीला मैदान में 8 अगस्त को खरगे की जनसभा और 11 अगस्त को हुए शुद्धिकरण यज्ञ के बाद से राजनीतिक विवाद जारी है। कांग्रेस ने शुद्धिकरण की घटना को भाजपा की दलित विरोधी सोच से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा की ओर से दावा किया गया कि जनसभा के बाद मैदान में गंदगी हुई थी और धार्मिक स्थल पर आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे। इसी विवाद को लेकर अब राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज होने से राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।
