राजस्थान का रहने वाला था 36 वर्षीय युवक, करीब 70 फीसदी झुलसा था; पुलिस ने शुरू की जांच
कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध ज्वालामुखी मंदिर परिसर में गुरुवार शाम खुद को आग लगाने वाले राजस्थान निवासी 36 वर्षीय युवक की शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान राजस्थान के झालावाड़ निवासी रामदास के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, युवक ने गुरुवार शाम मंदिर परिसर में कथित तौर पर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी।
गंभीर रूप से झुलसे युवक को 108 एंबुलेंस से ज्वालामुखी अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस के मुताबिक, युवक करीब 70 फीसदी झुलसा था और शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
एंबुलेंस में बताई अपनी पहचान
पुलिस के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय युवक होश में था। उसने एंबुलेंस कर्मचारियों को अपना नाम रामदास बताया और कहा कि वह अकेले मंदिर में दर्शन करने आया था। हालांकि, घर का पूरा पता बताते समय उसकी जुबान लड़खड़ा रही थी।
देहरा पुलिस जिला के एसपी संदीप धवल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने मंदिर परिसर में पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक ने किस पदार्थ का इस्तेमाल किया और घटना के पीछे क्या कारण था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने सुरक्षा कर्मियों को संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने और सीसीटीवी फुटेज की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर श्रद्धालु के बैग की जांच करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है, लेकिन संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता रमेश चंद धवाला ने भी घटना पर चिंता जताते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और प्रवेश से पहले स्क्रीनिंग व्यवस्था मजबूत करने की
