नवांशहर । आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब (सीटू), जिला शहीद भगत सिंह नगर ने आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए आम आदमी पार्टी के नवांशहर हलका इंचार्ज जसप्रीत सिंह कंग को मांगपत्र सौंपा और मांग की कि उनकी मांगों को मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार तक पहुंचाकर जल्द समाधान करवाया जाए।
जिला प्रधान बलजीत कौर, जिला महासचिव लखविंदर कौर ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर लंबे समय से महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी कई जायज मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने सरकार से मांगों पर केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस निर्णय लेने की मांग की।
एनजीओ की जगह विभाग के माध्यम से राशन भेजने की मांग
जिला प्रधान बलजीत कौर, जिला महासचिव लखविंदर कौर ने कहा कि यूनियन की प्रमुख मांग है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में एनजीओ के माध्यम से राशन भेजने की व्यवस्था बंद की जाए और राशन की सप्लाई सीधे संबंधित विभाग के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। यूनियन का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर राशन की व्यवस्था जरूरी है।
मानदेय दोगुना करने का वादा पूरा करने की मांग
जिला प्रधान बलजीत कौर, जिला महासचिव लखविंदर कौर ने सरकार से आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों का मानदेय दोगुना करने का वादा पूरा करने की मांग भी की। नेताओं ने कहा कि वर्करों और हेल्परों से लगातार विभिन्न विभागीय कार्य लिए जा रहे हैं, इसलिए उनके मानदेय में उचित बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार ग्रेच्युटी लागू हो
मांगपत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों के लिए ग्रेच्युटी लागू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। यूनियन ने कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर जल्द निर्णय होना चाहिए।
ऑनलाइन काम का बकाया मेहनताना जारी करने की मांग
यूनियन ने ‘मावां-धियां सत्कारयोग्य’ योजना के तहत आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा किए गए ऑनलाइन कार्य का बकाया मेहनताना जारी करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि वर्करों से विभिन्न योजनाओं से संबंधित ऑनलाइन कार्य करवाए जाते हैं, इसलिए किए गए अतिरिक्त कार्य का मेहनताना समय पर मिलना चाहिए।
वार्षिक इंक्रीमेंट बढ़ाकर 1000 रुपये करने की मांग
मांगपत्र में वार्षिक इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 1000 रुपये करने की मांग भी रखी गई। इसके साथ ही आंगनबाड़ी वर्करों को विभाग की ओर से स्मार्ट फोन उपलब्ध करवाने की मांग की गई, ताकि विभागीय ऑनलाइन कार्यों को पूरा करने में उन्हें सुविधा मिल सके।
नवांशहर में सीडीपीओ और क्लर्क की स्थायी तैनाती की मांग
यूनियन ने नवांशहर ब्लॉक में क्लर्क और सीडीपीओ की स्थायी तैनाती करने तथा लंबे समय से खाली पड़ी सुपरवाइजरों की पदों को भरने की मांग भी उठाई। यूनियन नेताओं के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों के पद खाली रहने से आंगनबाड़ी वर्करों को विभागीय कार्यों और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन पदों को भरने से कार्यालयी कामकाज में तेजी आने के साथ वर्करों की समस्याओं का भी समय पर समाधान हो सकेगा।
यूनियन नेताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने अपनी जिम्मेदारियों को लगातार निभाया है और सरकार की विभिन्न योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके बावजूद उनकी मांगों का लंबे समय तक लंबित रहना चिंता का विषय है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए।
जिला प्रधान बलजीत कौर, जिला महासचिव लखविंदर कौर और जिला कैशियर जसवीर कौर ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों की लंबित मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा और सरकार से मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की गई।
इस मौके पर जिला प्रधान बलजीत कौर, जिला महासचिव लखविंदर कौर और जिला कैशियर जसवीर कौर सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी वर्कर मौजूद रहीं। नवांशहर ब्लॉक से संगीता देवी, औड़ ब्लॉक से परमजीत कौर तथा बंगा ब्लॉक से परमिंदर कौर अपनी मुख्य टीम के सदस्यों सहित बैठक में शामिल हुईं।
