रेलवे कर्मियों की सतर्कता से सुरक्षित मिलीं, बाल कल्याण समिति ने परिजनों को सौंपा
अमृतसर। एक्ट्रेस बनने का सपना आंखों में सजाए जम्मू से घर से भागी दो नाबालिग छात्राएं मुंबई की राह भटककर अमृतसर पहुंच गईं। गनीमत रही कि अमृतसर रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता से दोनों सुरक्षित मिल गईं और उन्हें सकुशल उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार दोनों छात्राएं 11वीं कक्षा में पढ़ती हैं और एक ही स्कूल की सहपाठी हैं। फिल्मों में अभिनेत्री बनने की चाहत में दोनों बिना किसी को बताए घर से निकल पड़ीं। पहले वे जम्मू से जालंधर पहुंचीं। वहां से उन्हें मुंबई जाने वाली ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन जल्दबाजी में वे गलती से अमृतसर जाने वाली ट्रेन में सवार हो गईं।
सुबह जब ट्रेन अमृतसर रेलवे स्टेशन के मुख्य प्लेटफार्म पर पहुंची तो दोनों वहीं बैठी रहीं। उनके हाव-भाव देखकर रेलवे कर्मचारी राहुल कुमार और सतबीर कौर को संदेह हुआ। पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि वे मुंबई जाकर अभिनेत्री बनना चाहती हैं।
जांच में सामने आया कि दोनों के पास यात्रा का टिकट भी नहीं था। जम्मू से जालंधर के सफर के दौरान बिना टिकट पकड़े जाने पर उनसे करीब 700 रुपये वसूल किए गए थे।
रेलवे कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को अपने संरक्षण में लिया और उनके परिजनों से संपर्क साधा। पता चला कि दोनों के परिजन मजदूरी करते हैं। बेटियों के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मचा हुआ था।
बाद में दोनों छात्राओं को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति के अधिवक्ता एमके शर्मा ने बताया कि परिजनों को अमृतसर बुलाकर विधिवत सुपुर्दगी की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में बच्चों के मन में कई सपने और सवाल पलते हैं। ऐसे में अभिभावकों को डांट-डपट के बजाय बच्चों से दोस्त की तरह संवाद करना चाहिए, ताकि वे गलत कदम उठाने से बच सकें।
