राजपुरा/पटियाला। राजपुरा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में छात्राओं से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल खबरों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मामले में पंजाब राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पटियाला के डिप्टी कमिश्नर (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी कर पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट 30 सितंबर 2026 तक पेश करने को कहा है।
लापता या घायल छात्राओं की शिकायत पर मांगा ब्योरा
महिला आयोग ने पूछा है कि यूनिवर्सिटी कैंपस या हॉस्टल से किसी छात्रा के लापता होने, घायल होने या किसी अन्य अप्रिय घटना से संबंधित पुलिस शिकायत मिली है या नहीं। यदि ऐसी कोई शिकायत प्राप्त हुई है तो उसकी कॉपी के साथ अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी आयोग को देनी होगी।
हॉस्टल और कैंपस की सुरक्षा पर भी जवाब तलब
छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठाई गई चिंताओं पर भी आयोग ने रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने जानना चाहा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस और गर्ल्स हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए हैं और छात्रों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए क्या कार्रवाई की गई है।
वायरल खबरों और अफवाहों की जांच का स्टेटस मांगा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट खबरों, वीडियो और अफवाहों को लेकर भी आयोग ने पुलिस से जवाब मांगा है। पुलिस को बताना होगा कि इन दावों की सच्चाई जांचने के लिए क्या कार्रवाई की जा रही है, जांच किस स्तर तक पहुंची है और वायरल सूचनाओं के स्रोत का पता लगाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने की योजना भी बतानी होगी
आयोग ने छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा न हो, इसके लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों की जानकारी भी मांगी है। इसमें कैंपस व हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था, शिकायत निवारण और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के उपायों का पूरा ब्योरा शामिल होगा।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बाद हुआ था विरोध
बताया जा रहा है कि 25-26 सितंबर की रात चितकारा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से जुड़ी कई तरह की बातें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इनमें हॉस्टल में भूत होने, छात्राओं के लापता होने और आत्महत्या जैसे दावे भी शामिल थे। इन खबरों के बाद बड़ी संख्या मे
