पिहोवा/दलजीत अजनोहा सनातन धर्म में अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए मनाया जाने वाला श्रद्धा का पर्व, श्राद्ध पक्ष पिहोवा तीर्थ में बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष पितृपक्ष 26 सितम्बर से 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
इस पावन अवसर पर *गद्दी पंडित गंगाराम जी (भारत) एवं अखिल भारतीय श्री आचार्य ब्राह्मण पुरोहित आखाड़ा के पीठाधीश्वर आचार्य दीपक कुमार जी महाराज* ने बताया कि शास्त्रों में पृथुदक तीर्थ पिहोवा में श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों के निमित्त अनुष्ठान करने का विशेष महत्व बताया गया है।
उन्होंने बताया कि मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा द्वारा निर्मित इस पवित्र सरस्वती तट पर पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
आचार्य जी ने कहा कि श्राद्ध पक्ष चलते हुए पिहोवा तीर्थ में इन दिनों काफी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त श्रद्धा समर्पित होकर पूजा, पिंडदान, दान, स्नान, तर्पण आदि पुण्य कार्य करने पहुंच रहे हैं। तीर्थ पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है।
उन्होंने सभी सनातन धर्मियों से आह्वान किया कि वे इस पितृपक्ष में पिहोवा तीर्थ में आकर अपने पितरों के लिए तर्पण कर पुण्य के भागी बनें।
