चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट और सोशल मीडिया के प्रति किया जागरूक
332 विद्यार्थियों ने जाना करियर गाइडेंस, बाल अधिकार और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल का महत्व
एएम नाथ। चुराह (चम्बा) : चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा की ओर से शनिवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झाझाकोठी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अध्यापकों और अन्य स्टाफ को बाल अधिकारों, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पॉक्सो अधिनियम, सोशल मीडिया के लाभ-हानि और करियर गाइडेंस सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा के जिला समन्वयक कपिल शर्मा और केस वर्कर चैन सिंह ने विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों को उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक किया। वक्ताओं ने बच्चों को किसी भी परेशानी, हिंसा, शोषण अथवा संकट की स्थिति में मदद लेने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन का उपयोग करने के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़े लाभ और नुकसान पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होने वाली ब्लैकमेलिंग तथा ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया। साथ ही पॉक्सो अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों और बच्चों, अभिभावकों, अध्यापकों, अन्य हितधारकों तथा पुलिस की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने विद्यार्थियों को चरित्र निर्माण, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण का महत्व समझाया। करियर गाइडेंस के दौरान विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता और योग्यता के अनुरूप भविष्य के विकल्प तलाशने के लिए प्रेरित किया गया। अध्यापकों से भी आग्रह किया गया कि वे समय-समय पर विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी उपलब्ध करवाएं, ताकि बच्चे अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकें।
विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य जवाहर लाल सहित अध्यापक-अध्यापिकाओं ने चाइल्ड हेल्पलाइन की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में दी गई जानकारी विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी उपयोगी है और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम में नौ अध्यापक-अध्यापिकाओं, चार नॉन-टीचिंग स्टाफ सदस्यों और 332 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
