रेजिडेंट डॉक्टर बोले—आधिकारिक अधिसूचना जारी होने तक जारी रहेगा विरोध
महिला चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर डॉक्टरों ने की ठोस कार्रवाई की मांग
एएम नाथ। टांडा, 4 अक्तूबर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ के आरोपी लैब तकनीशियन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चल रहा विरोध अब समाप्त होने की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने रविवार को रामपुर से लौटते समय आरोपी लैब तकनीशियन को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।
प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ की घटना के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर आरोपी तकनीशियन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर चिकित्सकों ने हड़ताल शुरू की थी। डॉक्टरों का कहना है कि कार्यस्थल पर महिला चिकित्सकों और प्रशिक्षुओं की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता।
प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर किया था प्रदर्शन
शनिवार को भी चिकित्सकों ने कार्रवाई की मांग को लेकर सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक की थी। इस दौरान रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई थी।
अधिसूचना के बाद ही खत्म होगी हड़ताल
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. क्रांति बिष्ट ने मुख्यमंत्री के निलंबन के निर्देशों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि केवल निलंबन के निर्देश मिलने से हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। जब तक निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, चिकित्सकों का विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक प्रशिक्षु डॉक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे संस्थान में डॉक्टरों और विशेष रूप से महिला चिकित्सकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। एसोसिएशन की मांग है कि मामले में स्पष्ट और ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक सूचना या लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि निलंबन की औपचारिक अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक अधिसूचना जारी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। अधिसूचना के बाद ही हड़ताल समाप्त होने और सामान्य कामकाज बहाल होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
