वृंदावन : संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद श्री हित राधा केलीकुंज आश्रम को लेकर विवाद लगातार चर्चा में है। इसी बीच श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने संत प्रेमानंद महाराज को पत्र लिखकर उन्हें गोवर्धन गिरिराज जी में रहने की अपील की है।
फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में आश्रम से जुड़े कुछ लोगों और कथित माफिया तत्वों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विराट कोहली को बुलाने वाली कंपनी को लेकर भी दावा
पत्र में फलाहारी महाराज ने दावा किया कि विराट कोहली को कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये में बुलाकर संत प्रेमानंद महाराज को प्रसिद्ध करने की योजना बनाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान की एक कंपनी विराट कोहली को लेकर आई थी और अब उसी कंपनी से जुड़े कुछ लोग संत का वेश धारण कर आश्रम में प्रवेश कर चुके हैं तथा कथित तौर पर प्रॉपर्टी के कारोबार में सक्रिय हैं।
‘प्रेमानंद महाराज के नाम को बदनाम कर रहे माफिया’
फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज को सनातन और हिंदू धर्म के लिए महत्वपूर्ण संत बताते हुए कहा कि उन्हें कथित माफिया तत्वों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह संत प्रेमानंद महाराज की मदद के लिए अपनी किडनी तक देने को तैयार हैं, क्योंकि उनके अनुसार सनातन धर्म को ऐसे संत की जरूरत है।
उन्होंने सरकार से प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाकर Z+ सुरक्षा देने की भी मांग की है।
वृंदावन में भू-माफिया सक्रिय होने का आरोप
पत्र में वृंदावन के न्यू बेलवन आश्रम के आसपास यमुना के डूब क्षेत्र की जमीन की कथित खरीद-फरोख्त का मुद्दा भी उठाया गया है। फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की कथित मिलीभगत से यमुना खादर की जमीन की खरीद-बिक्री की जा रही है। उन्होंने कथित भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में किडनी चोरी और गुमशुदा बच्चों से जुड़े बेहद गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं तथा पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है।
फलाहारी महाराज ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज देश-विदेश के सनातनियों के लिए पूज्य हैं और उनकी सुरक्षा तथा आश्रम से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
