गढ़शंकर, 6 अक्टूबर। मजदूरों और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर सीपीआईएम तहसील गढ़शंकर की ओर से पार्टी के आह्वान पर डिप्टी स्पीकर जय किशन सिंह रौड़ी के निवास के समक्ष धरना दिया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए गुरनेक सिंह भज्जल, महिंदर कुमार बड्डोआण, दर्शन सिंह मट्टू, सुभाष मट्टू और नीलम बड्डोआण ने केंद्र और पंजाब सरकार पर मजदूर-किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं और रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल समेत रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतें लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।
वक्ताओं ने पंजाब में कानून-व्यवस्था, अवैध खनन, नशे, भ्रष्टाचार, लूट और हत्याओं की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने चारों लेबर कोड रद्द करने, मनरेगा कानून बहाल करने, जीबी रामजी कानून रद्द करने और 12 घंटे की ड्यूटी संबंधी अधिसूचना वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा चंडीगढ़ पंजाब को देने, पंजाबी भाषी क्षेत्रों को पंजाब में शामिल करने, नदी जल का न्यायसंगत बंटवारा करने तथा भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पंजाब का प्रतिनिधित्व बहाल करने की मांग की गई।
सीपीआईएम नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो 10 दिसंबर को मुख्यमंत्री के आवास का घेराव कर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर हरभजन सिंह अटवाल सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
