अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा- 8 युद्ध रुकवाए, मुझे 8 बार मिलना चाहिए था पुरस्कार; भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोककर 5 करोड़ लोगों की जान बचाने की बात दोहराई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर एक बार फिर नाराजगी जताई है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि उन्हें पुरस्कार न देकर नॉर्वे ने अपने ऊपर ऐसा दाग लगा लिया है, जो कभी नहीं मिटेगा। ट्रंप ने नोबेल कमेटी के फैसले को शर्मनाक और अपमानजनक बताते हुए दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध रुकवाए हैं, इसलिए उन्हें आठ बार नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था।
ट्रंप ने पुरस्कार पाने वाली नवी पिल्लै को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि उन्हें बहुत कम लोग जानते हैं। उन्होंने पुरस्कार के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे उदारवादी विचारधारा से जुड़ा निर्णय बताया।
भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने का दावा दोहराया
ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाकर पांच करोड़ लोगों की जान बचाई। उन्होंने कहा कि वह ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका, जिससे मध्य पूर्व, यूरोप और अमेरिका में बड़े संकट को टाला जा सका।
2018 से पुरस्कार पर जता रहे हैं दावेदारी
नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर ट्रंप की दावेदारी नई नहीं है। अक्टूबर 2018 में उन्होंने कहा था कि विभिन्न क्षेत्रों में शांति के प्रयासों के बावजूद शायद उन्हें यह पुरस्कार नहीं मिलेगा। फरवरी 2019 में उन्होंने तत्कालीन जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे द्वारा नामित किए जाने का जिक्र किया था।
2019 में ट्रंप ने कहा था कि निष्पक्ष तरीके से पुरस्कार दिए जाने पर उन्हें कई उपलब्धियों के लिए सम्मान मिलना चाहिए। 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से अपनी तुलना करते हुए सवाल उठाया था कि यदि ओबामा को नोबेल शांति पुरस्कार मिल सकता है, तो उन्हें क्यों नहीं।
