जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों और युवाओं के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस दुर्व्यवहार की निंदा; ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया बंद करने की मांग
गढ़शंकर, 12 अक्टूबर। वोटर सूचियों से मतदाताओं के नाम काटे जाने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और दिल्ली के जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों व युवाओं के प्रदर्शन को रोकने के दौरान कथित दुर्व्यवहार के विरोध में गढ़शंकर में विभिन्न लोकतांत्रिक एवं जन संगठनों ने रोष मार्च निकाला। मुकेश कुमार, दर्शन सिंह मट्टू, शादी राम कपूर, हरमेश ढेसी और डॉ. जोगिंदर कुलेवाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने गांधी पार्क में एकत्र होने के बाद शहर के बाजारों से मार्च निकाला और मुख्य चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंककर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भाजपा-आरएसएस के प्रभाव में चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर सूचियों से हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों और कुछ सहायक चुनाव अधिकारियों की असहमति ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का दायित्व संविधान के अनुसार निष्पक्ष तरीके से चुनावी प्रक्रिया का संचालन करना है। नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में बड़े स्तर पर किए गए बदलावों से लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर लोगों के मन में संदेह पैदा हुआ है।
उन्होंने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। यदि वह इस्तीफा नहीं देते तो उन्हें पद से हटाया जाए। साथ ही, नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की भागीदारी वाली व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।
एसआईआर बंद करने और पुरानी वोटर सूचियों से चुनाव कराने की मांग
नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया बंद करने तथा इस प्रक्रिया के बाद हुई सभी चुनावी प्रक्रियाओं की पुरानी मतदाता सूचियों के आधार पर समीक्षा करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए लोकतंत्र समर्थक लोगों को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के अन्य हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलनों का समर्थन भी किया।
महिला पत्रकारों और छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार की निंदा
इस दौरान वक्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों और युवा कार्यकर्ताओं, विशेषकर छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं और महिलाओं के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में कलभूषण महिदवाणी, महिंदर सिंह बडोआण, सुखदेव डानसीवाल, मलकीत बाहोवाल, गुरनेक भज्जल, संदीप गिल, दविंदर राणा, शाम सुंदर कपूर, हंस राज, विनोद कुमार, बलवंत राम, जसविंदर सिंह, कुलविंदर संघा, रामजी दास चौहान, रणजीत पौसी, माखन लंगेरी, मनदीप कुमार, गोपाल दास, जतिंदर राणा, गुरनाम हाजीपुर, कुलविंदर चहल, रamesh कुमार, प्रिंसिपल बिक्कर सिंह, जोगिंदर सिंह, हरजिंदर सुन्नी, शिंगारा राम, अमनप्रीत बेदी, मनजीत अरमान, सतपाल क्लेर सहित विभिन्न संगठनों के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
