मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर विपक्ष लामबंद : सुक्खू-अग्निहोत्री समेत हिमाचल कांग्रेस नेता मार्च में शामिल

by

एएम नाथ। नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के घटक दलों ने सोमवार को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। मार्च में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, कैबिनेट मंत्री, विधायक और पार्टी के अन्य नेता भी शामिल हुए।

मार्च के दौरान राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेता वाहनों में सवार होकर सुप्रीम कोर्ट की ओर जाते दिखाई दिए। इनमें समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, बिहार के नेता तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता भी शामिल बताए गए। मार्च से पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के अभियान को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने मार्च की तुलना भगवान शिव की बारात से करते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।

CEC के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग

विपक्षी दलों का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाना और SIR प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज कराना है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई सवालों पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बता रहा है।

विपक्ष की प्रमुख मांगों में SIR प्रक्रिया पर रोक, कथित वोट चोरी के आरोपों की जांच और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करना शामिल है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए और सभी योग्य मतदाताओं के मतदान के अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए।

CJI से मिलने के लिए मांगा था समय

इससे पहले रविवार को विपक्षी सांसदों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को पत्र लिखकर ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, CJI ने मुलाकात के लिए समय देने से इनकार करते हुए कहा कि आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि याचिका दाखिल कर सकते हैं। अदालत उनकी समस्याओं पर सुनवाई कर कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।

चुनाव आयोग की जवाबदेही पर जोर

SIR के तहत मतदाता सूची में दर्ज विवरणों का सत्यापन किया जाता है और आवश्यक संशोधन किए जाते हैं। विपक्षी दल इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और इसके संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे पात्र मतदाताओं के नाम सूची से न कटें और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनी रहे।

विपक्ष ने चुनाव आयोग से इन चिंताओं पर जवाब देने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की मांग की है। वहीं, SIR को लेकर उठाए गए आरोपों और मांगों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया तथा आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

पाकिस्तानी औरते में कूट- कूट कर भरी होती है जवानी – 60 की उम्र में भी चेहरे से टपकता है नूर….जानें इसके पीछे का राज

नई दिल्ली: पाकिस्तान की औरते अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाती है. वहीं पाकिस्तान की औरते 60 साल की उम्र में भी 30 साल की दिखती है। .अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण...
article-image
हिमाचल प्रदेश

पूर्व सैनिकों का अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवाभाव समाज के लिए आदर्श: राज्यपाल

एएम नाथ। शिमला : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि पूर्व सैनिक अपने सेवा काल के उपरांत भी राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उनका अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवाभाव युवाओं...
article-image
हिमाचल प्रदेश

जिले में दो चरणों में होगी जनगणना : उपायुक्त मुकेश रेपासवाल

आधुनिक डिजिटल तकनीक से होगी जनगणना-2027 : जिला जनगणना अधिकारी एएम नाथ। चम्बा, 17 फरवरी : उपायुक्त व जिला जनगणना अधिकारी मुकेश रेपसवाल ने कहा कि जिला में जनगणना-2027 दो चरणों में की जाएगी...
article-image
हिमाचल प्रदेश

राजकीय उत्कृष्ट केंद्र प्राथमिक पाठशाला हरोली का DC राघव शर्मा ने किया औचक निरीक्षण

खड्ड में गैर आवासीय विशेष प्रशिक्षण केंद्र का किया शुभारंभ ऊना, 20 सितम्बर – उपायुक्त राघव शर्मा ने शिक्षा सुधार समिति ईसपुर के माध्यम से राजकीय उत्कृष्ट केंद्र प्राथमिक पाठशाला हरोली का औचक निरीक्षण...
Translate »
error: Content is protected !!