कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल सिंह के परिवार से मिले कांग्रेस सांसद, बोले—पंजाब में अमन-शांति बहाल कर नशामुक्त प्रदेश बनाना कांग्रेस की प्राथमिकता
लुधियाना, 17 अक्टूबर। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैंगस्टर हिंसा और नशे की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, जबकि सरकार इन चुनौतियों से निपटने में विफल रही है। कांग्रेस पंजाब में अमन-शांति बहाल करने, सुशासन स्थापित करने और राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राजा वड़िंग शनिवार को गैंगस्टरों की गोलीबारी में मारे गए कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल सिंह के परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए वड़िंग ने कहा कि तेजपाल सिंह की हत्या के बाद भी परिवार को न तो सरकार की ओर से कोई सहायता मिली है और न ही न्याय मिल पाया है। उन्होंने बताया कि तरनतारन में चुनाव के दौरान हुई इस दुखद घटना के समय भी वह परिवार के साथ दुख साझा करने पहुंचे थे। अब पंजाब कांग्रेस मामलों के प्रभारी और एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट ने गैंगस्टर हिंसा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने के लिए पंजाब का दौरा शुरू किया है। इसी अभियान के तहत वह दोबारा परिवार के पास पहुंचे हैं।
‘कांग्रेस की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है’
आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की संभावनाओं से जुड़े सवाल पर वड़िंग ने दावा किया कि पार्टी की स्थिति दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस पंजाब में अगली सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था का बिगड़ना और आए दिन सामने आ रही हिंसक घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। ऐसी घटनाओं से आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है और पंजाब की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
नशे और बिगड़ती कानून-व्यवस्था से जूझ रहा पंजाब’
वड़िंग ने कहा कि नशे की समस्या पंजाब के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। प्रदेश के अनेक परिवार इसकी मार झेल रहे हैं और नशे के कारण लोगों की जान तक जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सरकारें बदलती रहीं, लेकिन नशे की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।
उन्होंने कहा कि सरकार को जिस जिम्मेदारी के साथ इस समस्या से निपटना चाहिए था, उसका बोझ अब आम लोगों और खासकर गरीब परिवारों को उठाना पड़ रहा है। नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना और युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पंजाब के लोग मुख्य रूप से दो बड़ी समस्याओं—नशे और बिगड़ती कानून-व्यवस्था—से परेशान हैं। उनके अनुसार, आम आदमी पार्टी की सरकार इन दोनों मोर्चों पर अपेक्षित परिणाम देने में नाकाम रही है। ऐसे में लोगों को कांग्रेस से उम्मीदें हैं कि वह सत्ता में आने पर प्रदेश में सुशासन स्थापित करेगी, अमन-शांति बहाल करेगी और नशामुक्त पंजाब के निर्माण के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।
अकाली शासनकाल से नशे की समस्या बढ़ने का आरोप
वड़िंग ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या अकाली दल के शासनकाल के दौरान शुरू हुई और उसके बाद लगातार गंभीर होती गई। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उसके कार्यकाल में नशे का संकट पहले से कई गुना बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि पहले भी नशे की समस्या मौजूद थी, लेकिन अब हालात अधिक चिंताजनक हो गए हैं। सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाकर लोगों को राहत देनी चाहिए।
वड़िंग ने विश्वास जताया कि पंजाब के लोग प्रदेश को फिर से खुशहाल बनाने, शांति बहाल करने और नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस को एक और अवसर देने पर विचार कर रहे हैं।
इस अवसर पर पंजाब के पूर्व मंत्री राकेश पांडे, पूर्व विधायक जगतार सिंह जग्गा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन संदीप संधू, सिमरनजीत सिंह बैंस, पवन दीवान और लुधियाना देहाती जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मेजर सिंह मुल्लांपुरी सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
