ऊना के 140 उद्यमियों को बड़े उद्योगों से जुड़ने का मौका : वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम में दी खरीद प्रक्रिया की जानकारी

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नेस्ले, ल्यूमिनस, लिवगार्ड समेत कई कंपनियों के प्रतिनिधियों ने साझा की विक्रेता पंजीकरण प्रक्रिया; स्थानीय एमएसएमई और स्वयं सहायता समूहों के लिए नए कारोबारी अवसरों पर चर्चा

रोहित जसवाल  I ऊना, 16 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को बड़े उद्योगों के साथ कारोबार करने और उनकी आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुक्रवार को वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुलमोहर ग्रैंड होटल में हुए इस कार्यक्रम में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसएमई) तथा स्वयं सहायता समूहों के 140 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग और हिमाचल प्रदेश सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एचपीसीईडी) के सहयोग से रैम्प योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्यमों को बड़े उद्योगों, संभावित खरीदारों और वित्तीय संस्थानों से जोड़ना तथा उनके लिए नए कारोबारी अवसर विकसित करना था। कार्यक्रम का आयोजन वंडर वर्क्स और टिंज कंसल्टेंसी एंड स्किल लैब्स की ओर से किया गया।

बड़ी कंपनियों ने समझाई विक्रेता बनने की प्रक्रिया

कार्यक्रम में उद्योग विभाग, ऊना के संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। विभिन्न कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी खरीद संबंधी जरूरतों, आवश्यक उत्पादों एवं सेवाओं, विक्रेता बनने की पात्रता और पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी दी।

कार्यक्रम में सिडबी, नेस्ले इंडिया लिमिटेड, स्विस गार्नियर लाइफ साइंस, स्टैनफोर्ड लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड, मानिका प्लास्टेक लिमिटेड, क्रेमिका फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड, लिवगार्ड, स्पेन फॉर्मुलेशंस प्राइवेट लिमिटेड और ल्यूमिनस के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रतिनिधियों ने बताया कि स्थानीय उद्यम किस प्रकार कंपनियों की जरूरतों के अनुरूप उत्पादों और सेवाओं की आपूर्ति करने के अवसर तलाश सकते हैं। इसके साथ ही उद्यमियों को उपलब्ध वित्तीय सहायता और कारोबार विस्तार से जुड़े विकल्पों की जानकारी भी दी गई।

उद्यमियों को सीधे संवाद का अवसर

हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग की संयुक्त निदेशक दीपिका खत्री ने भी उद्योग प्रतिनिधियों और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के सदस्यों को संबोधित किया।

कार्यक्रम के प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से खरीद प्रक्रिया, विक्रेता पंजीकरण और आपूर्ति संबंधी आवश्यकताओं पर सवाल पूछे। इस दौरान कंपनियों के साथ कारोबार शुरू करने, उनके मानकों के अनुरूप उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने पर जोर

कार्यक्रम के माध्यम से उद्यमियों को बड़े उद्योगों की आवश्यकताओं को समझने और उनके साथ व्यावसायिक संबंध विकसित करने का मंच मिला। ऐसे कार्यक्रमों से छोटे उद्यमों को संभावित खरीदारों तक पहुंच बनाने, बाजार की जरूरतों के अनुरूप अपनी क्षमताएं विकसित करने और कारोबार के नए अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है।

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