प्राकृतिक खेती से उत्पादित सेबों की होगी अलग ब्रांडिंग, किसानों को विशेष कार्टन पर 50 प्रतिशत अनुदान
एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पांगी घाटी में प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित सेबों के लिए ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड लॉन्च किया। इस पहल से जनजातीय क्षेत्र पांगी के सेबों को अलग पहचान मिलने के साथ स्थानीय उत्पादों के लिए विशिष्ट बाजार विकसित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। पांगी उपमंडल को प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ स्थानीय किसानों की आय और जीवन स्तर में सुधार लाना है।
उन्होंने बताया कि पांगी में लगभग 370 हेक्टेयर भूमि पर सेब के 1,04,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। चालू सीजन में करीब 550 मीट्रिक टन सेब उत्पादन होने की उम्मीद है, जो लगभग 35 हजार पेटियों के बराबर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पांगी में उत्पादित सेब घाटी से बाहर भेजते समय ‘कुल्लू एप्पल’ या ‘किन्नौर एप्पल’ की ब्रांडिंग वाले कार्टन में बेचे जाते थे। इससे पांगी के सेबों की अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित नहीं हो पाती थी। अब ‘पांगी एप्पल’ नाम से विशेष कार्टन तैयार किए गए हैं, जो 10 और 20 किलोग्राम की क्षमता में उपलब्ध होंगे।
इन कार्टन को किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इससे पांगी के सेबों की अलग पहचान बनाने, प्राकृतिक खेती से तैयार फलों को बढ़ावा देने और बाजार में उनकी मांग बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांगी को प्राकृतिक खेती के माध्यम से प्रदेश का पहला रसायन-मुक्त उपमंडल बनाने की परिकल्पना में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे क्षेत्र के लगभग 6,300 कृषक परिवारों की आजीविका मजबूत होने के साथ स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और जनजातीय क्षेत्र में आर्थिक उन्नति के नए अवसर पैदा होंगे।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, आवासीय आयुक्त अमनदीप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
