31 मार्च 2027 तक तीन साल की तैनाती पूरी करने वाले अधिकारियों को जिले से हटाने के निर्देश, चुनावी ड्यूटी में लापरवाही के आरोप झेल रहे अफसरों को भी नहीं मिलेगी जिम्मेदारी
चंडीगढ़। पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने अधिकारियों की तैनाती और तबादलों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत चुनाव प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं रखा जाएगा। इसके अलावा, पिछले चार वर्षों के दौरान किसी जिले में तीन साल पूरे कर चुके या 31 मार्च 2027 तक तीन साल पूरे करने वाले अधिकारियों को संबंधित जिले से हटाना होगा।
निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO), रिटर्निंग अधिकारियों (RO), सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (ARO) तथा पुलिस निरीक्षक और उपनिरीक्षक (SI) सहित चुनावी सुरक्षा और पुलिस बलों की तैनाती से जुड़े अधिकारियों पर लागू होंगे। उपनिरीक्षकों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाएगा। साथ ही, जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, निरीक्षक और एसआई या उससे वरिष्ठ अधिकारियों को उस विधानसभा क्षेत्र या जिले में दोबारा तैनात नहीं किया जाएगा, जहां वे पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए उपचुनाव के दौरान तैनात थे।
ये निर्देश जिला प्रशासन के अधिकारियों के अलावा पुलिस, आबकारी और परिवहन विभाग के संबंधित अधिकारियों पर भी लागू होंगे। जिन अधिकारियों के आधिकारिक कार्यों से जुड़े आपराधिक मामले अदालतों में लंबित हैं, उन्हें चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां नहीं सौंपी जाएंगी। इसी तरह, जिन अधिकारियों के खिलाफ चुनाव आयोग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है या जिन पर चुनावी कार्यों में लापरवाही के आरोप हैं, उन्हें भी चुनाव ड्यूटी से दूर रखा जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी और वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठकें करेगी केंद्रीय टीम
चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्तों और महानिदेशकों के नेतृत्व में चुनाव आयोग की टीम पंजाब पहुंची है। टीम चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठकें करेगी। आयोग के सचिव सुमन कुमार दास की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंदिता मिश्रा संबंधित बैठकों में विस्तृत प्रस्तुति देंगी।
बैठकों में राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों के शामिल होने की संभावना है। इस दौरान कानून-व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों, सुरक्षा बलों की तैनाती और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
चंडीगढ़ में समीक्षा के बाद केंद्रीय टीमें विभिन्न जिलों का दौरा कर जिला निर्वाचन अधिकारियों, डिप्टी कमिश्नरों (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) से सीधे जानकारी लेंगी। पोलिंग बूथों पर उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों और संवेदनशील बूथों की स्थिति का भी जायजा लिया जाएगा।
2022 में दौरे के 24 दिन बाद घोषित हुए थे चुनाव
पंजाब में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की टीम ने 15 और 16 दिसंबर 2021 को पंजाब का दौरा किया था। इसके बाद 8 जनवरी 2022 को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया था। यानी टीम के दौरे के 24 दिन बाद चुनाव की घोषणा हुई थी। उस चुनाव में 20 फरवरी को मतदान और 10 मार्च को मतगणना हुई थी।
इसी आधार पर इस बार भी आयोग की समीक्षा के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित होने को लेकर चर्चाएं हैं। हालांकि, चुनाव की घोषणा और मतदान की तारीखों को लेकर आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। पंजाब विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होना है, इसलिए इससे पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई जानी है।
