ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने उठाए सवाल, विशेष विवाह अधिनियम के तहत हुई है दोनों की शादी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और टीवी पत्रकार निधि राजदान की शादी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दोनों की शादी के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फतवा जारी करते हुए इस विवाह को इस्लामी शरीयत के अनुरूप नहीं बताया है। उनके बयान के बाद दोनों की शादी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि इस्लाम में निकाह के लिए कुछ निर्धारित नियम और शर्तें हैं। उनके मुताबिक उमर अब्दुल्ला मुस्लिम हैं, जबकि निधि राजदान गैर-मुस्लिम हैं। ऐसे में इस्लामी कानून की उनकी व्याख्या के अनुसार यह निकाह जायज नहीं है।
मौलाना ने कहा कि यदि निधि राजदान इस्लाम कबूल करने के बाद निकाह करतीं तो उनके मतानुसार यह विवाह शरीयत के अनुरूप होता। उन्होंने दोनों के विवाह को इस्लामी नियमों के खिलाफ बताया है।
विशेष विवाह अधिनियम के तहत हुई शादी
रिपोर्ट के मुताबिक, उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान का विवाह 30 अक्टूबर को विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act) के तहत संपन्न हुआ। समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य और करीबी रिश्तेदार शामिल हुए। निधि राजदान कश्मीरी पंडित परिवार से संबंध रखती हैं और उनका पैतृक निवास बडगाम बताया जाता है।
निजी जीवन को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा
दोनों की शादी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने इसे दोनों का निजी मामला बताया है, जबकि कुछ ने धार्मिक पहलुओं को लेकर सवाल उठाए हैं। मौलाना के बयान के बाद यह मामला धार्मिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।
