बेसबॉल बैट से भी किए कई वार, स्कूटी तोड़ी और मोबाइल जलाया; 10 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
नूरमहल। जालंधर जिले के नूरमहल क्षेत्र में नशा तस्करी से जुड़े लोगों पर एक मीडिया कर्मी पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा है। हमलावरों ने लोहे की पाइप और बेसबॉल बैट से कथित तौर पर कई वार कर उसकी टांग तोड़ दी और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें पहुंचाईं। आरोपियों ने उसकी स्कूटी तोड़ने के साथ मोबाइल फोन भी जला दिया। पुलिस ने पीड़ित के बयान पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन घटना के 10 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पीड़ित की पहचान 52 वर्षीय नरिंदर कुमार निवासी गांव भंडाल, थाना नूरमहल के रूप में हुई है। उसने पुलिस को बताया कि 23 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे वह स्कूटी पर अपने दफ्तर नूरमहल जा रहा था। इसी दौरान गांव भंडाल हिम्मत में सीमेंट की दुकान के पास सुखविंदर कुमार उर्फ सीसू, हरविंदर कुमार उर्फ काका और परमजीत ने उसे रोक लिया।
नरिंदर कुमार के मुताबिक, पहले आरोपियों के साथ उसकी बहस हुई। इसके बाद सुखविंदर कुमार ने लोहे की पाइप से उसकी टांग पर वार कर दिया। बचाव के लिए हाथ आगे करने पर हरविंदर कुमार ने बेसबॉल बैट से हमला किया, जिससे उसकी उंगलियों पर चोट आई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि तीसरे हमलावर ने भी बेसबॉल बैट से उसके सिर पर वार करने की कोशिश की।
शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे हमलावरों से छुड़वाया। इस दौरान उसकी पत्नी मनजीत कुमारी और भाभी सुखविंदर कौर भी वहां पहुंच गईं। पीड़ित का आरोप है कि लोगों को इकट्ठा होता देखकर आरोपी जान से मारने की धमकियां देते हुए फरार हो गए। जाते समय उन्होंने उसकी स्कूटी तोड़ दी और मोबाइल फोन जला दिया।
घटना के बाद घायल को पहले नूरमहल के अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे सिविल अस्पताल जालंधर रेफर कर दिया। पीड़ित करीब 10 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहा। मेडिकल रिपोर्ट (एमएलआर) के अनुसार उसके शरीर पर तीन गंभीर चोटें दर्ज की गई हैं, जबकि एक्स-रे रिपोर्ट का इंतजार है।
पुलिस एएसआई सुभाष चंद्र ने बताया कि पीड़ित के बयान दर्ज करने के बाद सुखविंदर कुमार उर्फ सीसू, हरविंदर कुमार उर्फ काका और परमजीत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 126(2), 351(2), 324(4) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
