पराली के सुचारु प्रबंधों के लिए ग्राम पंचायतें व सहकारी सभाएं आएं आगे: डा. गुरदेव सिंह

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मुख्य कृषि अधिकारी ने किसानों को जिले को ‘जीरो बर्निंग’ बनाने के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग देने की अपील की
किसानों को समूह/सोसायटियों व एफ.पी.ओ बना कर कृषि मशीनों पर मिलने वाले सब्सिडी का लाभ लेने के लिए कहा
होशियारपुर, 07 जुलाई:
मुख्य कृषि अधिकारी डा. गुरेदव सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से खरीफ 2023 के दौरान जिला होशियारपुर को ‘जीरो बर्निंग’ का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष पराली को आग लगाने की घटनाओं में कमी आ रही है, जिसका श्रेय जिले के किसानों को जाता है। उन्होंने कहा कि नवीनतम कृषि मशीनों का प्रयोग कर पराली का खेतों में व खेतों से बाहर सुचारु संभाल किया जा सकता है।
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से फसलों के अवशेषों की पराली की संभाल के लिए सहायक कृषि मशीने जैसे कि बेलर, रेक, हैपी सीडर, सुपर सीडर, सुपर एस.एम.एस, जीरो टिल ड्रिल, उलटावां पलाओ, पैडी स्ट्रा चोपर/शरैडर/ मल्चर, क्राप रीपर, शरब मास्टर/ रोटरी सलैशर, स्मार्ट सीडर की खरीद पर सब्सिडी मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इन कृषि मशीनरी पर सब्सिडी मुहैया करवाने के लिए किसानों से आनलाइन प्रार्थना पत्रों की मांग पंजाब के एग्री मशीनरी पोर्टल (https://agrimachinerypb.com) पर 20 जुलाई तक की गई है। उन्होंने इस संबंधी जिले की समूह ग्राम पंचायतों व गांव स्तर पर बहुउद्देशीय सहकारी सभाओं को अपील की कि वे इस स्कीम के अंतर्गत मशीनरी के कस्टम हायरिंग सैंटर की स्थापना कर सरकार से व्यक्तिगत तौर पर मिलने वाली सब्सिडी से अधिक सब्सिडी का लाभ लेते हुए पराली के सुचारु निपटराने में अपना सहयोग दें।
डा. गुरदेव सिंह ने कहा कि किसान खास तौर पर छोटे व सीमांत किसान इन कस्टम हायरिंग सैंटरों में उपलब्ध मशीनों को किराए पर लेकर प्रयोग करने के बाद पराली को संभाल सकेंगे व साथ ही मशीनों का प्रयोग मशीनों की क्षमता के अनुसार हो सकेगा। इससे अधिक से अधिक किसान इन मशीनों का प्रयोग कर सकेंगे। इसके अलावा इन कस्टम हायरिंग सैंटरों की स्थापना से अधिक कीमत वाले मशीनों की खरीद से व्यक्तिगत किसानों को पर पड़ रहे वित्तिय बोझ से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसान अपने स्तर पर एकत्र होकर किसान समूह/सोसायटियों व किसान उत्पादक संगठन(एफ.पी.ओ) बना कर इस स्कीम का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने जिले के समूह किसानों को अपील की कि अधिक से अधिक किसान इस स्कीम के अंतर्गत दी जा रही सुविधा का लाभ प्राप्त करें ताकि जिला होशियारपुर में धान की पराली को आग लगाने की प्रथा बंद हो सके व वातावरण को दूषित होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि स्कीम संबंधी अधिक जानकारी के लिए किसान संबंधित ब्लाक कृषि अधिकारी/ सहायक कृषि इंजीनियर(उपकरण) या मुख्य कृषि कार्यालय में जाकर संपर्क कर सकते हैं।

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