चबूतरा, रंगड़ और सपाहल में ‘मासिक धर्म शर्म का नहीं, गर्व का विषय पर आयोजित किए जागरुकता कार्यक्रम’ : किशोरियों को 50 हजार के सेनेटरी पैड देगी ग्राम पंचायत रंगड़

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सुजानपुर 28 दिसंबर। मासिक धर्म से संबंधित विभिन्न भ्रांतियों को दूर करने तथा मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली विभिन्न सावधानियों के प्रति किशोरियों एवं महिलाओं को जागरुक करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘वो दिन’ योजना के तहत वीरवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चबूतरा, ग्राम पंचायत रंगड़ और ग्राम पंचायत सपाहल में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए।
चबूतरा स्कूल में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने कहा कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जोकि महिलाओं को मातृत्व के लिए समर्थ बनाती है। इसके लिए महिलाओं को शर्माने के बजाय स्वयं पर गर्व होना चाहिए।
कुलदीप सिंह चौहान ने बताया कि इस शिविर के आयोजन का उद्देश्य जहां किशोरियों को मासिक धर्म की उपयोगिता से अवगत कराते हुए उन्हें इस अवधि के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति सजग करना है, वहीं किशोर बालकों को इस विषय पर और अधिक संवेदनशील बनाना है। ऐसे आयोजन हमें स्वच्छता एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई को महिलाओं की निजता, गरिमा, सुरक्षा एवं आत्मसम्मान से जुड़े महत्वपूर्ण कारकों के रूप में उभारने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि इस संवेदनशील विषय के संबंध में बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय सुजानपुर द्वारा विद्यालय एवं पंचायत स्तर पर एक वृहद सर्वेक्षण करवाया जा रहा है, जिसके परिणाम शीघ्र ही साझा किए जाएंगे।
इस अवसर पर पीएचसी चबूतरा के डॉ. अंकित और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डॉ. विशाल ने मासिक धर्म संबंधी सामग्री के प्रयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता में इनकी उपयोगिता और उपयुक्त निपटान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म संबंधी सामग्री का निदान पर्यावरण हितैषी ढंग से हो तथा महिलाओं की निजता और गोपनीयता अक्षुण्ण रहे, इसके लिए सामाजिक भागीदारी आवश्यक है।
प्रधानाचार्य कुलदीप कुमार ने भी विद्यार्थियों से इस विषय पर खुलकर चर्चा करने का आह्वान किया। इस अवसर पर इको फ्रेंडली मासिक धर्म प्रबंधन पर नारा लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इस प्रतियोगिता में दीक्षा कथियाल प्रथम, ऐलन द्वितीय और अर्शिया ठाकुर तृतीय स्थान पर रहीं। कार्यक्रम के दौरान मासिक धर्म से जुड़े मिथकों, वैज्ञानिक तथ्यों और उसके सुरक्षित व उचित प्रबंधन से जुड़ी प्रचार सामग्री का वितरण किया गया।
उधर, ग्राम पंचायत सपाहल और ग्राम पंचायत रंगड़ में भी जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत रंगड द्वारा किशोरियों के लिए सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने हेतु 50 हजार रुपये की राशि देनेे की घोषणा भी की गई।
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