DC अपूर्व देवगन का ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधन सृजन पर बल : किसान उत्पादक संघों को अपने उत्पाद बिक्री करने के लिए इंटरनेट का भरपूर इस्तेमाल करने को कहा

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मंडी, 23 फरवरी। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि मंडी जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधन सृजित करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह आवश्यक है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के पर्याप्त साधन हों, जिला प्रशासन इस दिशा में ठोस प्रयास कर रहा है।
उपायुक्त शुक्रवार को मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति द्वारा किसान उत्पादक संघों की दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए बोल रहे थे। साक्षरता भवन सौली खड्ड मंडी में आयोजित इस कार्यशाला में नाबार्ड और एनसीडीसी द्वारा वित्तपोषित 15 एफपीओ के 70 पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
इंटरनेट के बेहतर इस्तेमाल से करें उत्पादों की मार्केटिंग
उपायुक्त ने किसान उत्पादक संघों को अपने उत्पाद बिक्री करने के लिए इंटरनेट का भरपूर इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने मंडी जिले के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों के यूनीक उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजार और मेलों के अलावा किसानों के उत्पादों के लिए ऑन लाईन एक बड़ा बाजार उपलब्ध है। सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल करके जिले के विशेष खाद्य पदार्थ, सजावटी सामान तथा अन्य सामग्री उनके चाहवानों तक पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने प्रशासन और विभागों की ओर से किसान उत्पादक संघों को पूरी मदद देने का भी आश्वाशन दिया।
समिति के प्रयासों की सराहना
अपूर्व देवगन ने मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समिति ने मंडी ज़िला के किसान उत्पादकों को एक मंच पर लाकर बेहतरीन काम किया है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका कमाने के टिकाऊ मॉडल बनेंगे। उन्होंने कहा कि समिति ने बीमा, वित्तिय साक्षरता, समूह निर्माण के साथ साथ अब किसानों के समूह बनाने में भी पहल की है, जो प्रशंसनीय है।
कार्यशाला में एनसीडीसी के क्षेत्रीय निदेशक भूपेंद्र मांडवी ने सभी संघों को अपना व्यवसायिक प्लान तैयार करके कार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि उपयुक्त प्लान से ये कार्य लाभकारी सिद्ध होंगे।
व्हीं नाबार्ड के ज़िला प्रबंधक राकेश वर्मा ने नाबार्ड द्वारा इन समूहों को दी जाने वाली सहयता की जानकारी प्रदान की। इसके अलावा मार्गदर्शक कंपनी जयपुर से आए रिसोर्स व्यक्ति ने प्लान तैयार करने की जानकारी दी। फार्मर्स एफ़पीओ, माहूंनाग करसोग और धर्मपुर द्धारा भी प्रसस्तुति दी।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष हेमंत राज वैद्य ने प्रतिभागियों के स्वागत और उपाध्यक्ष राजेन्द्र मोहन ने धन्यवाद किया। वहीं महासचिव भीम सिंह ने समिति की अब तक की मुख्य गतिविधियों की जानकारी और कोषाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्य औऱ फेडरेशन निर्माण के महत्व बारे जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम के क्षेत्रीय निदेशक भूपेंद्र मांडवी और नाबार्ड के ज़िला विकास प्रबंधक राकेश वर्मा, समिति के संस्थापक सदस्य बीरबल शर्मा, जोगिन्दर वालिया, भूपेंद्र सिंह, मुरारी शर्मा,ललित शर्मा, सुनीता विष्ट सहित अन्य सदस्यों तथा एलडीएम,कृषि,बागवानी,पशुपालन, केवीके और अन्य विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
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