किरण खेर का चंडीगढ़ से टिकट कटा, भाजपा ने संजय टंडन उतारा मैदान में : कांग्रेस में पवन बंसल और मनीष तिवारी के बीच घमासान चल रहा टिकट को लेकर

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चंडीगढ़ ,10 अप्रैल : भाजपा ने चंडीगढ़ की लोकसभा सीट से दो बार की मौजूदा सांसद किरण खेर का टिकट काट दिया है। यह टिकट काटने का फैसला किरण के प्रति एंटी-इन्कमबेंसी को देखते हुए यह फैसला लिया है। संजय टंडन पुराने भाजपाई और संघ पृष्ठभूमि से है तो पार्टी नेतृत्व ने उन भरोसा जताया है। संजय टंडन को चंडीगढ़ से भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। उनके पिता बलराम दास टंडन पुराने भाजपाई रहे और पंजाब सरकार में मंत्री रहे हैं।
संजय टंडन के मैदान में आने के बाद चंडीगढ़ सीट पर रोचक मुकाबला होने के आसार बन गए हैं। कांग्रेस ने अभी तक चंडीगढ़ सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। यहां से सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल और वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी के बीच टिकट को लेकर खींचतान चल रही है। पार्टी द्वारा तैयार किए गए पैनल में भी इन दोनों ही नेताओं के नाम शामिल हैं। 2014 और 2019 में भाजपा ने टीवी और फिल्म अभिनेत्री किरण खेर पर भरोसा जताया था।
दोनों ही बार किरण खेर कांग्रेस के दिग्गज नेता पवन बंसल को चुनाव में शिकस्त देने में कामयाब रही थीं। किरण खेर मुंबई में व्यस्तताओं के चलते किरण खेर चंडीगढ़ में समय भी नहीं दे पा रही थी। जिसके चलते इस बार सेलिब्रिटी की बजाय स्थानीय नेता को टिकट दिए जाने की वकालत भी भाजपा के स्थानीय नेताओं द्वारा की जा रही थी। सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व ने चंडीगढ़ की सीट को लेकर सर्वे भी करवाया था। सर्वे रिपोर्ट में किरण खेर की बजाय संजय टंडन का नाम अधिकांश सेक्टरों व एरिया में आगे मिला।
संजय टंडन वर्तमान में भाजपा के चंडीगढ़ के अध्यक्ष भी हैं। उनके पिता बलराम दास टंडन पंजाब में चौदह वर्षों तक पंजाब में पार्षद भी रहे। छह बाद पंजाब से एमएलए चुने गए थे । संजय टंडन ने चंडीगढ़ के सेक्टर-8 स्थित डीएवी स्कूल से स्कूल एजुकेशन हासिल की। सेक्टर-11 के कॉलेज से उन्होंने बीकॉम की। वे इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंट्स के फेलो मेम्बर भी हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंट, इंडिया के एसोसिएट मेम्बर भी हैं।
रोचक होगा मुकाबला : चंडीगढ़ में चुनावी मुकाबला इस बार रोचक होगा। कयोकि इस बार के चुनावों में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने होगी। 2014 और 2019 के चुनावों में चंडीगढ़ से आम आदमी पार्टी ने भी चुनाव लड़ा था। यह भी कह सकते हैं कि ‘आप’ प्रत्याशियों की वजह से कांग्रेस को लगातार दो बार हार का मुंह देखना पड़ा। 2014 में किरण खेर ने 1 लाख 91 हजार 362 वोट हासिल करके जीत हासिल की। पवन बंसल को 1 लाख 21 हजार 720 वोट मिले। वहीं आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी गुलकीरत कौर पनाग को 1 लाख 8 हजार 679 वोट मिले। इसी तरह से 2019 में किरण खेर ने 2 लाख 31 हजार 188 वोट हासिल हुए। वहीं कांग्रेस के पवन कुमार बंसल को 1 लाख 84 हजार 218 वोट ही मिले सके। इन चुनावों में आप के प्रत्याशी हरमोहन धवन को महज 13 हजार 781 वोट मिले। इस बार कांग्रेस और आप मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। यानी आप का प्रत्याशी चंडीगढ़ में नहीं होगा। अलबत्ता आप चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेगी।

हैट्रिक लगा चुके बंसल : चंडीगढ़ सीट से अभी तक जीत की हैट्रिक का रिकार्ड पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के नाम दर्ज है। पवन बंसल ने 1999, 2004 और 2009 में लगातार तीन बार चंडीगढ़ से जीत हासिल की। वे अभी तक चार बार सांसद रह चुके हैं। मनमोहन सरकार में उन्हें रेल मंत्री भी बनाया गया। हालांकि बाद में विवादों के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। किरण खेर हैट्रिक के लिए मैदान में उतरती, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने उनका टिकट काट दिया

 

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