सैलरी-पेंशन पर सरकार का 42 फीसदी बजट खर्च : BJP पर भड़के सीएम सुक्खू

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रोहित भदसाली। शिमला : हिमाचल प्रदेश में सैलरी और पेंशन पर 42 फीसदी बजट खर्च हो रहा है. राज्य में कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए सिर्फ 28 फीसदी ही बजट बच जाता है. प्रदेश सरकार के खर्च की जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शेयर की है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि इस वित्त वर्ष में हर 100 रुपये में से वेतन पर 25 रुपये, पेंशन पर 17 रुपये, ब्याज पर 11 रुपये, कर्ज अदायगी पर नौ रुपये, स्वायत्त संस्थानों की ग्रांट पर 10 रुपये खर्च होते हैं, जबकि बाकी बचे हुए 28 रुपये पूंजीगत व्यय के साथ अन्य गतिविधियों पर खर्च किए जा रहे हैं.

हिमाचल प्रदेश को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान भी कम हुआ है. वित्त वर्ष 2021-22 में अनुदान के रूप में राज्य सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये मिलते थे, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह अनुदान घटकर तीन हजार करोड़ रुपये रह जाएगा.

‘बीजेपी से विरासत में मिली देनदारियां : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि “राज्य सरकार को पिछली बीजेपी सरकार से 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला. इसके अलावा 10 हजार करोड़ रुपये की बकाया देनदारियां भी विरासत में मिली.” सरकार की तारीफ करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि “इसके बावजूद 20 महीने के अपने कार्यकाल में राज्य सरकार ने कर्मचारियों को सात फीसदी मंहगाई भत्ता प्रदान किया है. इस वित्त वर्ष में 75 साल से ज्यादा उम्र के 28 हजार पेंशन भोगियों को एरियर का भुगतान किया जाएगा.” मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि “सरकारी कर्मचारी मेरे परिजनों के समान हैं.” उन्होंने कहा कि “प्रदेश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए अभी छह महीने का और समय लगेगा. प्रदेश की अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने पर एरियर और मंहगाई भत्ते दिए जाएंगे.”

‘सरकारी खजाने को लुटने नहीं दूंगा : इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पूर्व बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा. मुख्यमंत्री ने कहा, “राजनीतिक फायदे के लिए मैं सरकारी खजाने को लूटने नहीं दूंगा. साधन संपन्न लोगों को बिजली और पानी पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी.”
हिमाचल की अर्थव्यवस्था में 20 फीसदी सुधार : सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, “सरकार की ओर से इसका युक्तिकरण किया जा रहा है, जिससे गरीब व्यक्ति को लाभ मिले.” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अहम कदमों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है.”
हिमाचल की आर्थिक स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, “एक साल में अर्थव्यवस्था बीस फीसदी सुधरी है.” उन्होंने कहा, “हिमाचल प्रदेश में जीएसटी कलेक्शन भी बेहतर हुआ है.”

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