*सरकारी स्कूलों को लिया गोद……कैबिनेट रैंक मंत्री से लेकर डीसी, एसडीएम, जनप्रतिनिधि आए आगे*

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एएम नाथ। धर्मशाला, 08 अप्रैल। सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षा के स्तर और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सुख की सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में नवाचार करते हुए ‘अपना विद्यालयः स्कूल गोद लेने का कार्यक्रम’ नामक एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की गई है। यह मुहिम अब धरातल पर सफलता के रंग दिखाने लगी है। कांगड़ा में सभी 548 सरकारी स्कूलों को इस कार्यक्रम के तहत गोद लिया गया है इससे जहां सरकारी स्कूल के बच्चों का उत्साहवर्धन होगा वहीं डीसी सहित एसडीएम एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की शैक्षणिक माहौल पर भी नजर रखेगी। कांगड़ा जिला में मंत्रियों, सांसदों एवं विधायकों ने पांच स्कूलों, अन्य जनप्रतिनिधियों ने 166 तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने 24 स्कूलों व सेवानिवृत अधिकारियों ने 17, सेवानिवृत सैन्य अधिकारियों ने 54 स्कूलों को गोद लिया है इसके साथ ही सेवानिवृत कालेज के प्रोफेसर एवं प्राचार्यों ने 282 स्कूलों को गोद लिया है। कांगड़ा जिला में पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नगरोटा बगबां, सहकारी बैंक के अध्यक्ष संजय चैहान ने सलोह स्कूल, डीसी कांगड़ा ने बगली स्कूल, एसडीएम नुरपुर, एसडीएम देहरा, एसडीएम धर्मशाला, आईपीएस डा डीके चैधरी, एसडीएम नगरोटा मुनीष शर्मा, एसडीएम जयसिंहपुर, एचएएस विकास शर्मा सहित कई अधिकारियों तथा जन प्रतिनिधियों ने स्कूल गोद लिए हैं। उपनिदेशक शिक्षा विकास महाजन का कहना है स्कूल को गोद लेने के कार्यक्रम से स्कूलों में शैक्षणि स्तर में सुधार देखने को मिल रहा है तथा विद्यार्थी भी उत्साहित हैं। विद्यार्थियों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर नियंत्रण और रोकथाम के अलावा कैरियर काउंसलिंग, कानूनी और पोषण संबंधी जानकारी के लिए विशेष पहल की जाएगी
समग्र प्रगति के लिए छात्रों को मिलेगा मार्गदर्शन
सुख सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार लाना और उन्हें संसाधनों को सशक्त बनाने के लिए कारगर कदम उठा रही है इसी के तहत स्कूल गोद लेने का कार्यक्रम’ आरंभ किया गया है इस योजना के अंतर्गत प्रतिष्ठित नागरिकों जैसे सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आदि को शामिल किया जा रहा है। ये सभी अधिकारी कम से कम एक स्कूल को गोद लेंगे और उसकी समग्र प्रगति के लिए मार्गदर्शन करेंगे। वे छात्रों को सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे, करियर काउंसलिंग देंगे, तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग करेंगे। इस पहल का मूल उद्देश्य शिक्षा को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ना और छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
डीसी हेमराज बैरवा ने कहा कि राज्य सरकार ने स्कूल गोद लेने का बेहतरीन कार्यक्रम आरंभ किया गया है इस कार्यक्रम के साथ समाज के बुद्विजीवी लोगों को जुड़कर देश की युवा पीढ़ी के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका का निर्वहन सुनिश्चित करना चाहिए।
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