कॉन्ट्रैक्ट भर्ती पर रोक से भर्तियां अटकी, कब आयेंगे नए आदेश – पांच लाख नौकरी की गारंटी देने वाले अब साफ़-साफ़ मुकर कर रहे : जयराम ठाकुर 

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एएम नाथ। शिमला :  शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा कॉन्ट्रैक्ट भर्तियों पर रोक लगाने से न सिर्फ भविष्य में भर्तियां निकलने का रास्ता बंद हो गया है बल्कि जो भर्तियां रूटीन में चली हुई हैं वह भी रुक गई हैं। एक पत्र लिखकर सरकार ने भर्तियों पर रोक तो लगा दी लेकिन नई भर्तियां शुरू करने को लेकर सरकार द्वारा अब तक कोई आदेश नहीं दिया गया है। प्रदेश भर के युवा इंतजार कर रहे हैं कि सरकार नए आदेश जारी करे जिससे भर्तियां शुरू हो सकें। सरकार बताएं कि नए आदेश कब तक जारी होंगे। जिस तरह से सरकार ने लगभग दो साल तक कर्मचारी चयन आयोग को भंग रखकर युवाओं को बेरोजगार रखा। क्या इस तरीके से फिर कॉन्ट्रैक्ट भर्तियों पर रोक लगाकर युवाओं को बेरोजगार रखना चाहती है। कॉन्ट्रैक्ट भर्तियों पर इस तरह से रोक लगाना नौकरियां न देने और युवाओं को बेरोजगार रखने की यह सरकार की साजिश है। सुक्खू सरकार प्रदेश भर में युवाओं को 100 नौकरी पहली कैबिनेट में और 5 लाख नौकरी पूरे 5 साल में देने के गारंटी देकर सत्ता में आई है। लेकिन सरकार का हर काम लोगों को नौकरी से निकालना ,लोगों की नौकरी छीनना और लोगों को नौकरी न लगने देने जैसी साजिशों को करने से जुड़ा हुआ है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने 25 अप्रैल को सरकार द्वारा एक पत्र जारी करके प्रदेश में सभी प्रकार की अनुबंध आधारित भर्तियों पर रोक लगा दी है। लेकिन एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी भर्तियां करने के नए न तो नए आदेश जारी किए और न ही यह स्पष्ट किया कि आगे भर्तियां कैसे होगी? अब सवाल यह युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा? क्या सरकार इस नोटिफिकेशन के माध्यम से रोक लगाकर युवाओं को नौकरी नहीं देना चाहती है। क्या सरकार अपना बचा हुआ कार्यकाल पिछले दो साल की तरह ही बिना युवाओं को रोजगार दिए निकालना चाहती है? सरकार इसी तरीके से एक नोटिफिकेशन लेकर आती है, लोगों को मिल रही सुविधाओं पर रोक लगाकर भूल जाती है। यह सुख की सरकार का यह पुराना तरीका है। आज सरकार द्वारा कॉन्ट्रैक्ट भर्तियां रोकने के बाद आगे क्या कदम उठाएगी इसके बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं हैं। युवाओं को नौकरियां देने के लिए सरकार क्या क़दम उठा रही है। वह प्रदेश के लोगों को बताए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार अपनी गारंटियों को पूरी तरह भूल चुकी है। पहली कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरियां, प्रदेश की 18 से 59 साल की महिला को हर महीनें 1500 रुपए देना, स्टार्ट अप फंड, दूध और गोबर खरीद जैसी गारंटियों पर अब सरकार का कोई मंत्री बात नहीं करता हैं। अब तो कांग्रेस के नेता और मंत्री अपनी गारंटी से सीधे मुकर जाते हैं। वह खुलेआम कहते हैं कि हमने पहली कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरियों और 5 लाख नौकरियां देने की बात कब की थी। कांग्रेस के नेता और सरकार के मंत्री है भूल रहे हैं कि आज के जमाने में इस तरह का यू टर्न मारना इतना आसान नहीं है। उनकी झूठी गारंटियों को हम न सरकार को भूलने देंगे और न ही प्रदेश के लोगों को। सरकार की हर नाकामी को प्रदेश के बीच लाते रहेंगे।
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