तरनतारन : गांव फतेहाबाद की वाल्मीकि कॉलोनी में एक बार फिर ड्रग्स ने युवक की जान ले ली। गुरुवार को 26 वर्षीय युवक संजू की संदिग्ध रूप से ड्रग ओवरडोज से मौत हो गई। इससे दो दिन पहले इसी बस्ती में 40 वर्षीय प्रताप सिंह की भी मौत नशे की अधिक मात्रा लेने से हो चुकी है। दोनों मौतों ने इलाके में सनसनी फैला दी है।
मृतक संजू के पिता तिलक राज ने बताया कि बुधवार शाम को उनके बेटे ने खुद को नशे का इंजेक्शन लगाया था। जिसके कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इससे भी ज्यादा दर्दनाक बात यह है कि तिलक राज अपने बड़े बेटे सरवन सिंह को भी दो महीने पहले नशे की वजह से खो चुका है। एक ही परिवार में दो युवकों की नशे से मौत ने पूरे मोहल्ले को झकझोर कर रख दिया है। मृतक के पिता तिलक राज ने कहा- “हमने अपने दोनों बेटों को नशे में खो दिया। अब यहां हर घर में यही हालात हैं। हमारे गांव की हालत बहुत खराब है। यहां हर किस्म का नशा खुलेआम बिक रहा है, और कोई रोकने वाला नहीं है।”
तिलक राज ने यह भी बताया कि कॉलोनी में नाबालिग बच्चों तक को नशे की लत लग चुकी है। स्कूल छोड़ चुके किशोर और यहां तक कि छोटे बच्चे भी ड्रग्स का सेवन करते देखे जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि लोग अब अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने में डरते हैं। मंगलवार को इसी कॉलोनी में 40 वर्षीय प्रताप सिंह की भी नशे से मौत हो गई थी। प्रताप की मौत ने ही इलाके में हलचल मचाई थी। लेकिन दो दिन के अंदर ही संजू की मौत ने यह साफ कर दिया कि नशे का नेटवर्क बेहद गहरा और प्रभावी है।
वाल्मीकि कॉलोनी के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासन को शिकायत दी। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि नशा बेचने वालों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसकी वजह से वे खुलेआम युवाओं का जीवन बर्बाद कर रहे हैं।
