नई दिल्ली : भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जुड़ी संरचना में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने बीबीएमबी में दो और राज्यों को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
इसको लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान की सरकारों को एक पत्र भेजकर प्रस्ताव पर सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 79(2)(ए) में संशोधन के जरिए किया जाएगा। फिलहाल बीबीएमबी में केवल पंजाब और हरियाणा के ही स्थायी सदस्य हैं। लेकिन अब इस संख्या को बढ़ाकर चार किया जाने का प्रस्ताव है, जिसमें राजस्थान और हिमाचल प्रदेश को भी स्थायी सदस्यता दी जाएगी।
राज्यों की पुरानी मांग को मिला सहारा
राजस्थान और हिमाचल प्रदेश काफी समय से बीबीएमबी में स्थायी प्रतिनिधित्व की मांग करते आ रहे हैं। केंद्र सरकार ने अब उनकी मांगों को संज्ञान में लेते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया है। मंत्रालय का कहना है कि सभी हितधारक राज्यों से राय लेने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
वित्तीय हिस्सेदारी का समीकरण
बीबीएमबी के वित्तीय ढांचे की बात करें तो इसमें पंजाब का सबसे बड़ा योगदान है। मौजूदा समय में पंजाब 39.58% खर्च वहन करता है, जबकि हरियाणा 30%, राजस्थान 24%, हिमाचल प्रदेश 4% और चंडीगढ़ 2% व्यय करता है। ऐसे में पंजाब की ओर से आशंका जताई जा रही है कि दो नए स्थायी सदस्यों की नियुक्ति उसके अधिकार क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है।
राजनीतिक हलचल तेज
इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद पंजाब के राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। राज्य के कई नेताओं ने संकेत दिए हैं कि यदि यह प्रस्ताव लागू हुआ तो पंजाब की हिस्सेदारी और निर्णय लेने की क्षमता में कमी आ सकती है। वहीं, राजस्थान और हिमाचल इस कदम को अपने लिए न्यायपूर्ण और लंबे समय से प्रतीक्षित मान रहे हैं।
