जालंधर : बीएसएफ चौक के पास बीते दिनों हुए आईईडी धमाके की जांच पंजाब से बाहर तक पहुंच गई है। मामले की तह तक जाने के लिए जालंधर पुलिस की टीमें जीरकपुर, दिल्ली और अन्य स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस को उन छह लोगों के पते और पहचान से जुड़ी जांच के दौरान पुलिस ने जीरकपुर से दो और लोगों को काबू किया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में कई अहम सुराग मिले, जिसके बाद दो और लोगों को काबू किया गया है, जिन्होंने किसी न किसी रूप में गिरफ्तार आरोपितों की मदद की थी। इनमें जीरकपुर और दिल्ली के तीन लोगों के नाम प्रमुख रूप से सामने आए थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कुछ और लोगों को नामजद भी किया गया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में कई ऐसे लोगों के नाम बताए हैं जिन्होंने उन्हें ठहरने की जगह, सिम कार्ड, वाहन और अन्य सहायता उपलब्ध करवाई थी। छह लोगों के नाम सामने आए थे तो पुलिस ने लगातार छापेमारी की और दो लोगों को पकड़ा है।
वहीं बाकी लोगों की पुलिस पहचान करवाने में जुटी हुई है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ संदिग्धों ने आरोपितों को सुरक्षित ठिकाने दिलाने और वारदात के बाद फरार होने में मदद की थी। इसी आधार पर जालंधर पुलिस की अलग-अलग टीमें जीरकपुर, दिल्ली और अन्य शहरों में पहुंचीं और कई स्थानों पर छापेमारी की।
गत दिनों जालंधर के बीएसएफ चौक के पास देर रात एक आईईडी ब्लास्ट हुआ था। धमाका बीएसएफ हेडक्वार्टर के समीप हुआ, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपितों ने पहले से पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। जांच के दौरान पुलिस ने उमरदीन खान और अनिल शर्मा नामक दो आरोपितों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित इंटरनेट मीडिया और गैंगस्टर नेटवर्क के जरिए संपर्क में आए थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि धमाके में इस्तेमाल आईईडी और अन्य तकनीकी मदद बार्डर पार से जुड़े नेटवर्क के जरिए उपलब्ध करवाई गई थी। अब पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है जिसने आईईडी को पंजाब तक पहुंचाने और आरोपितों तक सप्लाई करने में भूमिका निभाई।
