चंडीगढ़। करीब दो साल से CBI के कब्जे में 55 लाख रुपये वापस लेने के लिए छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े दो शिकायतकर्ताओं ने चंडीगढ़ स्थित CBI की विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। रजनीश बंसल और भूपेंद्र शर्मा ने अदालत में अर्जी दाखिल कर रकम वापस करने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
ढाई करोड़ की रिश्वत मामले में हुई थी गिरफ्तारी
मामला दिसंबर 2024 का है। छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपियों रजनीश बंसल और भूपेंद्र शर्मा ने CBI से शिकायत की थी कि ED शिमला में तत्कालीन असिस्टेंट डायरेक्टर विशालदीप उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।
शिकायत के बाद CBI ने ट्रैप की योजना बनाई। एजेंसी ने दोनों शिकायतकर्ताओं को 25 लाख और 30 लाख रुपये उपलब्ध कराए। कुल 55 लाख रुपये लेकर उन्हें आरोपी तक पहुंचना था।
25 दिसंबर 2024 को पंचकूला और जीरकपुर में कार्रवाई की गई। CBI ने विशालदीप और उनके भाई विकासदीप को कथित ढाई करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान विकासदीप के कब्जे से 55 लाख रुपये बरामद हुए। CBI के अनुसार यही रकम ट्रैप के लिए शिकायतकर्ताओं को दी गई थी।
अब शिकायतकर्ताओं ने मांगी अपनी रकम
करीब दो साल बाद दोनों शिकायतकर्ताओं ने अदालत में अर्जी देकर दावा किया है कि बरामद 55 लाख रुपये उनकी रकम थी। उन्होंने अदालत से रकम वापस करने की मांग की है।
अब अदालत यह तय करेगी कि 55 लाख रुपये शिकायतकर्ताओं को लौटाए जाएंगे या जांच पूरी होने तक इन्हें मामले में साक्ष्य के तौर पर CBI के पास रखा जाएगा।
दोनों भाइयों पर आय से अधिक संपत्ति का केस
रिश्वत मामले के बाद CBI ने विशालदीप और विकासदीप के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी जांच शुरू की थी। जांच में दोनों भाइयों की आय, संपत्ति और खर्च का रिकॉर्ड खंगाला गया।
CBI के मुताबिक जांच अवधि के दौरान दोनों की संपत्ति उनकी ज्ञात आय से 231.48 प्रतिशत अधिक पाई गई। इसके आधार पर दोनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया।
28 सितंबर पर टिकी निगाहें
55 लाख रुपये की वापसी को लेकर अदालत में दाखिल अर्जी पर 28 सितंबर को सुनवाई होगी। अदालत के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा कि रकम शिकायतकर्ताओं को वापस मिलेगी या फिलहाल CBI के कब्जे में रहेगी।
