CBSE 10वीं के स्टूडेंट्स ध्यान दें 3 सब्जेक्ट्स में फेल हुए तो दूसरी परीक्षा का चांस खत्म….. पढ़े पूरी रिपोर्ट

by

नई दिल्ली : सीबीएसई की शासी संस्था ने कक्षा 10 के छात्रों के लिए दो परीक्षाओं की योजना को मंज़ूरी दे दी है। जून के अंतिम सप्ताह में हुई एक बैठक में, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था ने 2026 से कक्षा 10 के छात्रों के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं की योजना को लागू करने का निर्णय लिया है।

इस सुधार का उद्देश्य शैक्षणिक लचीलापन बढ़ाकर और परीक्षा संबंधी तनाव को कम करके छात्रों के प्रदर्शन में सुधार लाना है। इस नई योजना के तहत, सभी छात्रों के लिए फरवरी के मध्य में होने वाली पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा।

इन छात्रों को दूसरी परीक्षा देने का मौका मिलेगा

जो छात्र फरवरी में होने वाली बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण होंगे और दूसरी परीक्षा में बैठने की पात्रता पूरी करेंगे, वे मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा में से अधिकतम तीन विषयों में शामिल होकर अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं।

ये छात्र दूसरी परीक्षा के लिए पात्र नहीं माने जाएँगे

जो छात्र पहली परीक्षा में तीन विषयों में अनुत्तीर्ण होंगे, वे दूसरी परीक्षा के लिए पात्र नहीं होंगे और उन्हें “अनिवार्य पुनरावृत्ति” श्रेणी में रखा जाएगा। इसके लिए उन्हें अगले वर्ष फिर से परीक्षा देनी होगी। कम्पार्टमेंट परिणाम वाले छात्र कम्पार्टमेंट श्रेणी के अंतर्गत दूसरी परीक्षा भी दे सकते हैं।

मुख्य परीक्षा से पहले आंतरिक मूल्यांकन किया जाएगा
खेल छात्रों, सर्दियों में स्कूल जाने वाले छात्रों और विशेष आवश्यकता वाले उम्मीदवारों के लिए समान पहुँच और लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मुख्य परीक्षा से पहले एक बार आंतरिक मूल्यांकन किया जाएगा, और दोनों परीक्षाओं का पाठ्यक्रम पूरे शैक्षणिक वर्ष को कवर करेगा। पहली परीक्षा के परिणाम अप्रैल में घोषित किए जाएँगे, जबकि दूसरी परीक्षा के परिणाम जून में जारी किए जाएँगे। छात्र ग्यारहवीं कक्षा में अंतिम प्रवेश के लिए अपनी पहली परीक्षा के परिणामों का उपयोग कर सकते हैं, और अंतिम पुष्टि दूसरी परीक्षा के परिणामों पर आधारित होगी। दूसरी परीक्षा के बाद ही योग्यता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएँगे।

छात्रों को मिलेगा अतिरिक्त अवसर
यह दो-परीक्षा प्रणाली छात्रों को अपने अंकों में सुधार करने, निरंतर सीखने को बढ़ावा देने और एक ही उच्च-दांव वाली परीक्षा से जुड़े दबाव को कम करने का एक अतिरिक्त अवसर प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है। सीबीएसई के शासी निकाय ने जून 2025 में इस प्रगतिशील निर्णय को मंजूरी दी, जो भारत की माध्यमिक शिक्षा प्रणाली में एनईपी-2020 दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

हाईकोर्ट ने दिया आदेश – केंद्र और पंजाब सरकार के बीच जल्द होगी मीटिंग

मंडियों में धान की लिफ्टिंग ठीक से न होने के मामले पर आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार को मीटिंग करके इस समस्या का...
article-image
पंजाब

Poet Thakur Das Aidil’s

Hoshiarpur/Daljeet Ajnoha/July 7 : The poetry book ‘Dalitnama’ by the late renowned poet Thakur Das Aidil of village Mahimdanwal Kalan was formally released by noted children’s literature author Baljinder Maan at a special ceremony...
article-image
पंजाब

MLA and Deputy Speaker Jai

Hoshiarpur/Daljeet Ajnoha/March 17 : All ration card holders should get e-KYC done as mandatory said Deputy Speaker Jai Krishab Singh Rouri MLA and Deputy Speaker Jai Krishan Singh Roui has advised all ration card...
article-image
पंजाब

लाइटर, पन्नी व दस रुपये के नोट के साथ एक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज

गढ़शंकर, 28 अगस्त : गढ़शंकर पुलिस ने लखप्रीत सिंह पुत्र सोहन सिंह निवासी गांव घागोंरोड़ा वाली थाना गढ़शंकर को लाइटर, पन्नी व दस रुपये के नोट के साथ गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत...
Translate »
error: Content is protected !!