नवजोत सिमी का जन्म और पालन-पोषण पंजाब के गुरदासपुर जिले में हुआ. उनकी शुरुआती पढ़ाई मॉडल पब्लिक स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए बाबा जसवंत सिंह डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने ठान लिया था कि वे सिविल सेवा में अपना करियर बनाएंगी ।
UPSC की यात्रा : सिमी ने साल 2016 में पहली बार UPSC CSE परीक्षा दी, लेकिन असफल रहीं. हार मानने के बजाय उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और तैयारी को और मजबूत किया. नतीजा यह हुआ कि 2017 में अपने दूसरे ही प्रयास में उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर ली. इस बार उनकी ऑल इंडिया रैंक 735 आई और उन्हें IPS कैडर मिला. साल 2018 में वे बिहार कैडर में बतौर आईपीएस अफसर ज्वॉइन किया।
प्रेरणा का स्रोत : नवजोत सिमी की कहानी यह साबित करती है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि सफलता की दिशा में पहला कदम होती है. उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम किया और दिखाया कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
आज वे देश की उन महिलाओं में शुमार हैं, जो युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं. उनकी कहानी बताती है कि पढ़ाई और करियर के साथ-साथ आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच भी उतनी ही जरूरी है।
