मोहाली : भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से हुए घोटाले से जुड़े 25 वर्ष पुराने दो मामलों में मोहाली स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 17 आरोपितों को छह माह से तीन वर्ष तक की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 10 से 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
एसएएस नगर (मोहाली) स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश बलजिंदर सिंह सरा की अदालत ने यह फैसला सुनाया। दोनों मामले एफसीआई के फरीदकोट जिला कार्यालय के अधीन निहाल सिंह वाला केंद्र और मुक्तसर केंद्र से संबंधित हैं।
दोषी ठहराए गए आरोपितों में एफसीआई के नौ अधिकारी शामिल हैं। इनमें जिला प्रबंधक से लेकर तकनीकी सहायक तक के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा 8 निजी राइस मिलर भी दोषी करार दिए गए हैं। सीबीआई के अनुसार दोनों मामले वर्ष 2004-05 के खरीद सत्र के दौरान घटिया गुणवत्ता के चावल स्वीकार किए जाने से जुड़े हैं।
आरोप था कि एफसीआई अधिकारियों ने निजी राइस मिलरों के साथ मिलीभगत कर मानकों से कम गुणवत्ता वाले चावल को स्वीकार कराया, जिससे सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान पहुंचा। अदालत ने सभी आरोपितों को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (2) के तहत दोषी करार दिया।