हाईकोर्ट ने पूछा- फर्जी सूचना के पीछे कौन, प्लेटफॉर्म की जवाबदेही क्या?
फगवाड़ा। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 26 सितंबर को हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की जांच में अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस ने उस Reddit पोस्ट के मूल स्रोत का पता लगा लिया है, जिसके बाद यूनिवर्सिटी में एक छात्रा के कथित रेप की सूचना तेजी से फैली और बड़ी संख्या में छात्र विरोध प्रदर्शन के लिए जुट गए। पुलिस के मुताबिक, पोस्ट LPU की फर्स्ट ईयर की एक छात्रा ने अपलोड की थी।
पुलिस को Reddit के अमेरिकी मुख्यालय से तकनीकी जानकारी मिलने के बाद पोस्ट से जुड़े IP एड्रेस तक पहुंच मिली। छात्रा से पूछताछ के दौरान उसने SIT के समक्ष कथित तौर पर बताया कि पोस्ट उसने सुनी-सुनाई बातों के आधार पर लिखी थी। उसका कहना था कि उसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर अपनी राय रखना था।
हाईकोर्ट ने उठाया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही का सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर डाली गई ऐसी अपुष्ट सूचना अचानक हिंसा का रूप ले सकती है और इससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। अदालत ने पुलिस जांच को केवल पोस्ट अपलोड करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रखने की बात कही है।
हाईकोर्ट ने यह भी जानने की जरूरत जताई कि कथित गलत सूचना के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या समूह था या नहीं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भूमिका एवं जवाबदेही को लेकर क्या व्यवस्था होनी चाहिए। अदालत ने पंजाब सरकार से इस संबंध में स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी कि 26 सितंबर को Reddit पर रिपोर्ट की गई घटना वास्तव में हुई थी या नहीं।
हिंसा मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी
इस बीच LPU हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध पुलिस कार्रवाई की रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा के संबंध में गिरफ्तारियों की संख्या लगातार बढ़ी है।
पुलिस का आरोप है कि हिंसा के दौरान यूनिवर्सिटी की संपत्ति में तोड़फोड़ की गई, वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और राष्ट्रीय राजमार्ग को भी बाधित किया गया। मामले में दर्ज FIR में हिंसा और तोड़फोड़ से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
पहले सोशल मीडिया पर फैली थी रेप की सूचना
26 सितंबर की रात सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि LPU हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ बाहर से आए एक कर्मचारी ने कथित तौर पर रेप किया है। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल क्षेत्र में जुट गए। Reddit पर प्रसारित पोस्ट में रेप के साथ छात्रा की मौत की भी बात कही गई थी। हालांकि बाद में इस दावे की पुष्टि को लेकर गंभीर सवाल उठे।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी पुलिस से यह स्पष्ट करने को कहा था कि Reddit और सोशल मीडिया पर बताए गए कथित यौन उत्पीड़न की घटना वास्तव में हुई थी या नहीं।
अफवाह से हिंसा तक पहुंचा मामला
असत्यापित सूचना तेजी से फैलने के बाद LPU परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। स्थिति बिगड़ने पर यूनिवर्सिटी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ और आगजनी के आरोप सामने आए। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर भी छात्रों का जमावड़ा हुआ। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में हिंसा के दौरान बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और आगजनी के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस और प्रशासन की जांच का अब एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि एक अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्ट किस तरह हजारों छात्रों तक पहुंची और इसके बाद हिंसा किस तरह भड़की।
मित्तल बोले- पंजाब की साख पर हमला चिंता का विषय
हिंसा के बाद LPU के चांसलर और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा था कि विश्वविद्यालय के छात्रों की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने पंजाब की साख और कारोबारियों की छवि पर पड़ने वाले असर को भी चिंता का विषय बताया था।
मामले में पुलिस जांच और हाईकोर्ट की कार्यवाही जारी है। अब जांच का फोकस Reddit पोस्ट के स्रोत के साथ-साथ इस बात पर भी है कि क्या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या समूह की भूमिका थी और अपुष्ट सूचना इतनी तेजी से कैसे फैली।
