चंडीगढ़ : सनौर क्षेत्र से जुड़े दुष्कर्म मामले में आरोपी विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की गिरफ्तारी के एक दिन बाद अब उसकी फरारी और गिरफ्तारी की पूरी कहानी सामने आई है।
पुलिस जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि वह लंबे समय तक कैसे कानून से बचता रहा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सितंबर 2025 में मामला दर्ज होने के बाद पठानमाजरा गिरफ्तारी से बचने के लिए हरियाणा के करनाल पहुंचा और वहां से गुप्त तरीके से नेपाल चला गया। नेपाल पहुंचने के बाद उसने काठमांडू से हवाई मार्ग के जरिए आस्ट्रेलिया की उड़ान भरी।
जांच में यह भी सामने आया है कि वह 28 फरवरी को फिर नेपाल के रास्ते भारत लौट आया था। इसके बाद वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और पंजाब से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपकर रह रहा था।
नेपाल से आने के बाद छिपाई पहचान : इस दौरान वह सर्वोच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिका की पैरवी भी करता रहा, लेकिन अपनी पहचान छिपाकर रखी। पुलिस को उसकी गतिविधियों की भनक लगने के बाद विभिन्न स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई।
अंततः पुलिस को सूचना मिली कि वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीमों ने वहां जाल बिछाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ उसे पनाह देने वाले दो अन्य लोगों को भी काबू किया गया।
विदेश भागने में मदद करने वालों की पहचान में जुटी पुलिस : अब रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नेपाल के रास्ते फरार होने में उसकी मदद किसने की और विदेश जाने के लिए उसने किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। साथ ही उसके वित्तीय लेन-देन और मध्य प्रदेश में बताई जा रही संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में कई और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे होने की संभावना है।
