जालंधर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये की रेलवे और सड़क बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य संपर्क (कनेक्टिविटी) को मजबूत करना, यात्रियों की सुविधाओं में सुधार करना और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति देना है।
5,470 करोड़ रु की परियोजनाओं का उद्घाटन, 2 नई ट्रेनों को हरी झंडी : प्रधानमंत्री मोदी ने अमृतसर (छेहरटा)-वाराणसी के बीच चलने वाली संत रविदास एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। इससे दो प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। मोदी चंडीगढ़ और हरियाणा के जींद में परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद जालंधर पहुंचे। जींद में उन्होंने भारत की पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस वर्ष फरवरी में डेरा सचखंड बल्लां के दौरे के बाद प्रधानमंत्री का यह जालंधर का दूसरा दौरा है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को अकेले लड़ने की तैयारी कर रही है।
20 राज्यों के 75 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकसित :
पीएम मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 20 राज्यों में 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इन स्टेशनों को लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है, जहां आधुनिक और यात्रियों के अनुकूल सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इनमें से चार रेलवे स्टेशन – जालंधर कैंटोनमेंट, एसएएस नगर (मोहाली), श्री मुक्तसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशन – पंजाब में हैं।
रेल लाइन का उद्घाटन ; पीएम मोदी ने नांगल बांध-तलवाड़ा-मुकेरियां नई रेल लाइन परियोजना के तहत लगभग 830 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दौलतपुर चौक-करतोली रेल लाइन का भी उद्घाटन किया। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच रेल संपर्क काफी मजबूत होगा और इससे होशियारपुर तथा ऊना जिलों को लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने करतोली-अंबाला ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई, जिससे पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच संपर्क बेहतर होगा। उन्होंने संत रविदास एक्सप्रेस को भी रवाना किया, जिससे अमृतसर और वाराणसी के बीच सीधी रेल सेवा शुरू हो गई। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर सचखंड बल्लां डेरा प्रमुख निरंजन दास भी प्रधानमंत्री के साथ नजर आये।
रविदासिया समुदाय की प्रमुख मांग : पंजाब में रविदासिया समुदाय की यह प्रमुख मांग रही है कि वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली गोवर्धनपुर में गुरु रविदास के 650वें प्रकाश पर्व समारोह से पहले अमृतसर और वाराणसी के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू की जाए। एक फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां का दौरा किया था, जो पंजाब में रविदासिया समुदाय का सबसे बड़ा डेरा माना जाता है।
3,070 करोड़ रु की NH परियोजनाओं का उद्घाटन: प्रधानमंत्री ने 3,070 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने चार लेन वाले ग्रीनफील्ड दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के 30.9 किलोमीटर लंबे ‘खंड-6’ का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने 25.2 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले ग्रीनफील्ड दक्षिणी लुधियाना बाईपास के निर्माण की आधारशिला भी रखी। इस परियोजना से लुधियाना और बठिंडा के बीच यात्रा समय कम होगा।
