मानसा : मानसा में नगर कौंसिल चुनाव को लेकर सोमवार दोपहर एसडीएम कार्यालय के बाहर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब एक निर्दलीय उम्मीदवार ने विधायक पर उसका नामांकन पत्र रद्द करवाने का आरोप लगा दिया।
आरोप लगते ही भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हो गए और पंजाब सरकार तथा विधायक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति लगातार बिगड़ती देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और विधायक को सुरक्षित उनकी गाड़ी तक पहुंचाकर मौके से रवाना किया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने विधायक के खिलाफ लगातार नारे लगाए।
जानकारी के अनुसार शहर के वार्ड नंबर 18 से नगर कौंसिल चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार अर्पित चौधरी ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के प्रतिनिधि अपनी संभावित हार को देखते हुए साजिश के तहत उनका नामांकन पत्र रद्द करवाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ चुनावी प्रक्रिया में अन्याय किया जा रहा है।बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 18 में अर्पित चौधरी को कांग्रेस और भाजपा का समर्थन प्राप्त है। इसी कारण मामला और अधिक राजनीतिक रूप लेता दिखाई दिया। जैसे ही नामांकन रद्द होने की चर्चा फैली, विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विरोध कर रहे लोगों का आरोप था कि प्रशासन पर राजनीतिक दबाव डालकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि निष्पक्ष चुनाव नहीं करवाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उधर विधायक डा. विजय सिंगला ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विरोधी दल और निर्दलीय उम्मीदवार अपनी हार के डर से बौखलाए हुए हैं और बिना किसी आधार के उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं। विधायक ने कहा कि उनका नामांकन प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है और प्रशासन स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रहा है।
