अगले पांच वर्षों में एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री सुक्खू

by

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के लिए 25 नई इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का किया शुभारंभ

एएम नाथ  : मंडी। हिमाचल प्रदेश में स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से मंडी के पड्डल मैदान से हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की 25 नई टाइप-1 इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी के इलेक्ट्रिक बस बेड़े को मजबूत करने के लिए 297 नई टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी हैं। ये बसें वर्तमान में शिमला, नाहन, नालागढ़, ऊना, हरोली, बिलासपुर, देहरा, हमीरपुर, पालमपुर, धर्मशाला और नगरोटा में संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि कुल्लू, मंडी और सुंदरनगर में इलेक्ट्रिक बसों के लिए आवश्यक चार्जिंग ढांचा भी तैयार किया जा चुका है और इन क्षेत्रों में नई इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू कर दी गई हैं।

एक चार्ज में 180 किलोमीटर की रेंज

मुख्यमंत्री ने बताया कि टाइप-1 इलेक्ट्रिक बसों की निर्धारित ड्राइविंग रेंज 80 प्रतिशत स्टेट ऑफ चार्ज पर करीब 180 किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि परिचालन के दौरान इन बसों का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है।

उन्होंने बताया कि शिमला-चंडीगढ़ मार्ग पर एक बार चार्ज करने के बाद इलेक्ट्रिक बस करीब 270 किलोमीटर की दूरी सफलतापूर्वक तय कर रही है। यह हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में लंबी दूरी के अंतर-शहरी मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसों की उपयोगिता को दर्शाता है।

संचालन लागत में आ रही कमी

सुक्खू ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से एचआरटीसी की परिचालन लागत में भी कमी आ रही है। पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ऊर्जा लागत में करीब 12 से 13 रुपये प्रति किलोमीटर की बचत हो रही है।

उन्होंने कहा कि इससे निगम के ईंधन और परिचालन खर्च में कमी आने के साथ सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की दक्षता में भी सुधार होगा।

पांच साल में एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एचआरटीसी को बसें खरीदकर उपलब्ध करवाने के साथ हर साल करीब 840 करोड़ रुपये का अनुदान भी दे रही है। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी अपने संसाधनों से भी लगभग इतनी ही राशि अर्जित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले समय में 1,000 ई-बसें और 200 हाइड्रोजन बसें खरीदने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने पहले बजट में ‘ग्रीन हिमाचल’ की परिकल्पना रखी थी और इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाने और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा और एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक शिवम प्रताप सिंह शिमला में मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे। मंडी में एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा और जिला कांग्रेस कमेटी मंडी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

मतदाता पहचान पत्र के अतिरिक्त मतदान के लिए12 अन्य दस्तावेज भी मान्य –DC मुकेश रेपसवाल

 एएम नाथ। चंबा 30 मई  :   उपायुक्त एवं ज़िला निर्वाचन अधिकारी मुकेश रेपसवाल ने  जानकारी देते हुए बताया कि  लोकसभा निर्वाचन-2024 के तहत 1 जून को मतदाताओं द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग करने के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

शास्त्री और भाषा अध्यापकों के भरें जाएंगे चार पद : उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा ऊना देवेन्दर चंदेल

ऊना, 24 फरवरी – प्रारम्भिक शिक्षा विभाग द्वारा शेास्त्री व भाषा अध्यापकों के 4 पद बैच वाइज अनुबंध आधार पर भरे जाएंगे। यह जानकारी देते हुए उपनिदेशक प्रारम्भिक शिक्षा ऊना देवेन्दर चंदेल ने बताया...
article-image
हिमाचल प्रदेश

14 नवंबर से चंबा प्रवास पर रहेंगे उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया

15 नवंबर को भरमौर में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस में होंगे शामिल संस्कृतिक संध्या के होंगे मुख्य अतिथि एएम नाथ। चम्बा :  उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया 14 नवंबर से चम्बा प्रवास...
article-image
हिमाचल प्रदेश

बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए गौशाला के लिए दिए जाने वाली मदद को किसानों के लिए भी प्रदान करने पर सरकार कर रही विचार : प्रोफेसर चंद्र कुमार

रोहित भदसाली। कुल्लू 22 नवम्बर :  किसानों को आर्थिक तौर पर समृद्ध बनाने के लिए प्रदेश सरकार, बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए जो सहायता राशि गौशाला संचालकों प्रति पशु 700 प्रतिमाह के...
Translate »
error: Content is protected !!