एएम नाथ। भोरंज 30 जुलाई। एडीसी एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक गर्ग ने विकास खंड भोरंज की ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अपनी-अपनी पंचायतों को आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए कार्य करें। वीरवार को यहां खंड विकास अधिकारी कार्यालय में नवनिर्वाचित पंचायत जनप्रतिनिधियों की कार्यशाला में संवाद सत्र के दौरान अभिषेक गर्ग ने कहा कि सभी पंचायत जनप्रतिनिधि अपनी-अपनी ग्राम पंचायत को विकास के विभिन्न मानकों में नंबर वन पर लाने के लिए ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। अगर किसी योजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा आए तो विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विकास कार्यों के साथ-साथ पंचायत जनप्रतिनिधि स्वच्छ भारत मिशन और अन्य अभियानों को सफल बनाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं। आज के दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठोस एवं तरल कचरे का सही प्रबंधन बहुत जरूरी है। इसके लिए गीले, सूखे, प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक्स के कचरे की छंटनी घरों से ही शुरू होनी चाहिए। इसी प्रकार, सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की शुरुआत पंचायत कार्यालयों से की जा सकती है। हर पंचायत में सुंदर पार्क विकसित करके लोगों को सुबह-शाम सैर एवं योग इत्यादि के लिए उपयुक्त स्थान मुहैया करवाए जा सकते हैं तथा इन पार्कों के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। बच्चों और युवाओं के लिए खेल के मैदान, लाइब्रेरी एवं रीडिंग रूम बनाने चाहिए। एडीसी ने कहा कि वीबी जीरामजी योजना के अलावा पंद्रहवें वित्त आयोग की शेष राशि और सोलहवें वित्त आयोग की राशि का भी सदुपयोग करके इसे विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को कई अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
इससे पहले, डीआरडीए की परियोजना अधिकारी अस्मिता ठाकुर, जिला पंचायत अधिकारी बबीता गुलेरिया, बीडीओ कुलवंत सिंह और अन्य अधिकारियों ने भी पंचायत जनप्रतिनिधियों को विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया।
