अब आउटसोर्स से नहीं होगी नर्सों की भर्ती, चयन आयोग की परीक्षा से मिलेगी नौकरी: CM सुक्खू शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन आउटसोर्स

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कर्मचारियों और सरकारी भर्ती व्यवस्था को लेकर सदन में अहम चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अब स्टाफ नर्सों की भर्ती आउटसोर्स माध्यम से नहीं की जाएगी। नर्सों की नियुक्ति राज्य चयन आयोग के माध्यम से परीक्षा आयोजित कर की जाएगी।

करसोग से भाजपा विधायक दीपराज के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए व्यक्तिगत साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब लिखित परीक्षा में मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में किसी तरह की सिफारिश नहीं चलेगी।

600 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए करीब 600 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। भविष्य में भी स्टाफ नर्सों की नियुक्ति आउटसोर्स एजेंसियों के बजाय राज्य चयन आयोग की परीक्षा के माध्यम से करने की नीति अपनाई जाएगी।

आउटसोर्स कर्मचारियों की इम्पैनलमेंट व्यवस्था जारी

सीएम सुक्खू ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को इम्पैनल करने की व्यवस्था पहले से चली आ रही है। कंपनियों को इम्पैनल करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की ओर से विज्ञापन जारी किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा में मेरिट हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को ही नौकरी मिलेगी।

कोविड में हटाए कर्मचारियों को दोबारा रोजगार

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोविड काल के दौरान नौकरी से हटाए गए कुछ कर्मचारियों को दोबारा रोजगार दिया गया है। अन्य पात्र कर्मचारियों को भी नीति और नियमों के अनुसार वापस रखने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था को लेकर सरकार नीतिगत स्तर पर भी विचार कर रही है।

वेतन कटौती करने वाली एजेंसियों पर होगी कार्रवाई

सुक्खू ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित है। यदि कोई एजेंसी नियमों के विपरीत कर्मचारियों के वेतन से राशि काटती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार विभागों की ओर से अधिक कर्मचारियों की स्वीकृति ली जाती है, जबकि वास्तविक रूप से कम कर्मचारियों को काम पर रखा जाता है। सरकार इस व्यवस्था पर भी नजर रखेगी।

भाजपा विधायक ने उठाया पुराने कर्मचारियों का मुद्दा

विधायक दीपराज ने सवाल किया कि यदि आउटसोर्स व्यवस्था पिछली सरकार के समय से चली आ रही थी, तो उस दौरान नियुक्त कर्मचारियों को मौजूदा सरकार के कार्यकाल में क्यों हटाया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था पहले से चली आ रही है और सरकार इसमें नीतिगत सुधार की दिशा में काम कर रही है।

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