एक शिक्षक पर पांच स्कूलों का जिम्मा, अभिभावकों और ग्रामीणों ने सरकार से लगाई गुहार
एएम नाथ। चंबा : जिला चंबा की ग्राम पंचायत बसोधन स्थित राजकीय उप-केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला भौंई में 48 बच्चों का भविष्य महज एक अध्यापक के भरोसे है। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री के चंबा दौरे के दौरान विद्यालय को उप-केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला से केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बावजूद घोषणा पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
वर्तमान में विद्यालय में केवल एक अध्यापक कार्यरत है। विशेष चिंता की बात यह है कि इसी अध्यापक को क्षेत्र के चार अन्य स्कूलों का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है। इसके अलावा मिड-डे मील, विभागीय कार्यों और विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी उसी शिक्षक को करना पड़ रहा है। ऐसे में 48 बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
विद्यालय की इस गंभीर समस्या को लेकर आदर्श युवक मंडल भौंई (ठेहड़ा) लगातार आवाज उठा रहा है। मंडल के प्रतिनिधि शिमला जाकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात कर चुके हैं। प्रतिनिधियों ने विद्यालय को केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला का दर्जा देने तथा शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा है।
इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से अभिभावकों और ग्रामीणों में रोष एवं चिंता बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण समस्या को लंबे समय तक लंबित रखना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और आदर्श युवक मंडल ने सरकार से मांग की है कि वर्ष 2023 में की गई घोषणा को जल्द अमलीजामा पहनाया जाए। विद्यालय को केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला का दर्जा देने के साथ पर्याप्त संख्या में अध्यापकों की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू हो सके और उन्हें बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
