मंडी : जब कहीं भीषण आग लगती है, तो चीख-पुकार और धुएं के गुबार के बीच जांबाज दमकलकर्मी जान जोखिम में डालकर अंदर दाखिल होते हैं। कई बार संकरी गलियां, ऊंची इमारतें या जहरीली गैस इनके लिए गंभीर चुनौती भी बन जाती हैं।
लेकिन अब आईआईटी मंडी से एक ऐसी तकनीक निकली है, जो भीषण अग्निकांड में मसीहा बनकर उभरेगी। संस्थान के एक स्टार्टअप सिमहेटेल टेक्नोलॉजी ने एआई संचालित ऐसे ड्रोन तैयार किए हैं, जो इंसान के पहुंचने से पहले ही आग पर प्रहार शुरू कर देंगे।
इस क्रांतिकारी शोध के पीछे आईआईटी मंडी के सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स (सीएआईआर) के प्रोफेसर डॉ. अमित शुक्ला की मेहनत और विजन है।
डॉ. शुक्ला ने ऐसी तकनीक विकसित करने की ठानी, जो धरातल पर जिंदगी बचा सके। उनके द्वारा स्थापित डीप-टेक स्टार्टअप ने फायरस्ट्राइकर सीरीज के माध्यम से दुनिया को दिखा दिया है कि भारतीय मेधा किसी भी वैश्विक चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
फायरस्ट्राइकर: आग के लिए काल हैं ये ड्रोन : फायरस्ट्राइकर एयरड्राप ड्रोन 10 किलो भार उठाने में सक्षम है। यह आग के ऊपर मंडराते हुए विशेष एबीसी आग बुझाने वाली गेंदों (आग बुझाने वाला रसायन) की सटीक बौछार करता है। आग के संपर्क में आते ही धमाके के साथ पाउडर निकलता है जो आक्सीजन का संपर्क काटकर आग को तुरंत शांत कर देता है। इसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये होगी।
