आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसदों का विधार्थियों ने किया कड़ा विरोध : 10 नवंबर को यूनिवर्सिटी बंद की काल है तो आप पंजाब बंद का ऐलान क्यों नहीं करते

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चंडीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी में आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसदों को विधार्थियों का जबरदस्त गुस्सा झेलना पड़ा। चंडीगढ़ में आप के अन्य नेताओं के साथ गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मिलने के बाद आप P सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर और मालविंदर कंग यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। वह यूनिवर्सिटी पहुँच कर विधार्थियों को बताना चाहते थे किआम आदमी पार्टी विधार्थियों के साथ है।लेकिन वहां पहुंचते ही विधार्थियों ने उन्हें घेर लिया और सवाल पूछने शुरू कर दिए। विधार्थियों ने उनसे पूछा कि अरविंद केजरीवाल पर कुछ होता है तो 92 विधायक धरना देने दिल्ली पहुंच जाते हैं। कोई हमारे साथ क्यों नहीं बैठा। इसी बीच विधार्थियों ने सांसदों के मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। जिसके बाद दोनों सांसद वहां से निकल गए।

सांसदों से विधार्थियों ने कहा कि पंजाब सरकार अभी तक प्रस्ताव-प्रस्ताव क्यों खेल रही है। सड़क पर धरना प्रदर्शन क्यों नहीं हो रहे। सांसद मीत हेयर ने सफाई देते हुए कहा कि हम गवर्नर से मिलकर आए हैं। विधार्थियों ने इसे खारिज करते हुए कहा कि आप धरना प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे। 10 नवंबर को यूनिवर्सिटी बंद की काल है, आप पंजाब बंद का ऐलान क्यों नहीं करते। विधार्थियों के आगे जब मीत हेयर की नहीं चली तो वे वहां से चले गए। इसके तुरंत बाद छात्र नेताओं ने मालविंदर सिंह कंग से सवाल पूछने शुरू कर दिए। उनसे भी पूछा गया कि जब अरविंद केजरीवाल पर कुछ होता है तो सभी 92 विधायक दिल्ली जाकर धरना देते हैं, हमारे साथ क्यों कोई नहीं बैठा है। इस पर वह भी गाड़ी में बैठकर चले गए। छात्रों ने इसके बाद भी उनके खिलाफ विधार्थियों ने नारेबाजी की।
पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट सिंडिकेट मामले को लेकर आम आदमी पार्टी नेताओं ने गुरुवार को गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। इस दौरान नेताओं ने बताया कि सीनेट-सिंडिकेट को भंग करने का संवैधानिक अधिकार केंद्र के पास नहीं है। नेताओं ने कहा कि सीनेट और सिंडिकेट पंजाब विधानसभा में पारित हुए एक्ट के बाद बनाया गया था, इस लिए केंद्र सरकार का कोई भी विभाग इसे रद्द नहीं कर सकता है और न ही इसमें बदलाव कर सकता है। उन्होंने मांग की कि यह नोटिफिकेशन ही रद्द नहीं होना चाहिए बल्कि सीनेट के लंबित पड़े चुनाव की तारीख का भी ऐलान होना चाहिए। गवर्नर से मुलाकात करने वाले नेताओं में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, सांसद मालविंदर कंग, सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर, विधायक दलविंदर सिंह लाडी, गोल्डी कंबोज, सीनेट सदस्य रहे आईपी सिंह, रविंदर पाल सिंह, स्टूडेंट नेता वतनवीर सिंह आदि मौजूद थे।

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