चंडीगढ़: पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान घटनाक्रम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही थी कि मनजीत कौर की हत्या पंजाब के मोरिंडा में हुई थी, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस अब चंडीगढ़ के सेक्टर-34 पर केंद्रित हो गया है।
चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में पहली गिरफ्तारी करते हुए कपूरथला निवासी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे रिंकू के साथ मनजीत कौर का विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले दोनों के बीच बहस और हाथापाई हुई थी।
रिंकू से विवाद के बाद बढ़ा मामला
पुलिस पूछताछ में पिंदा ने कथित तौर पर बताया कि रिंकू और मनजीत कौर के बीच विवाद के बाद दोनों सेक्टर-34 पहुंचे। वहां एक बार फिर विवाद बढ़ गया और हाथापाई हुई। इसके बाद मनजीत को कार में बैठाकर सेक्टर-34 स्थित एक पार्क के पीछे ले जाया गया।
पुलिस के अनुसार, यहीं मनजीत के साथ मारपीट की गई और बाद में उसे जलाने की घटना सामने आई। हालांकि, पुलिस अभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है।
मोरिंडा वाली कहानी पर भी जांच
जांच की शुरुआत में सामने आया था कि मनजीत कौर को सेक्टर-34 से अगवा करने के बाद मोरिंडा ले जाया गया था, जहां उसके साथ वारदात किए जाने की बात सामने आई थी। अब पुलिस को मिले नए सुरागों के बाद घटनास्थल को लेकर जांच की दिशा बदल गई है।
आशंका जताई जा रही है कि कथित वारदात सेक्टर-34 में ही हुई, जिसके बाद मनजीत को पंजाब के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे आगे उपचार के लिए पीजीआई भी लाया गया था। पुलिस अब चंडीगढ़ और पंजाब से जुड़े घटनाक्रम के सभी साक्ष्यों को जोड़ने में जुटी है।
डंप डाटा और मोबाइल लोकेशन से जुटाए जा रहे सुराग
पुलिस सेक्टर-34 और आसपास के इलाके का उस रात का मोबाइल डंप डाटा खंगाल रही है। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना के समय मौके के आसपास कौन-कौन मौजूद था और घटना के बाद संदिग्ध लोगों ने किन रास्तों से आवाजाही की।
मां ने रिंकू और पिंदा पर जताया था शक
मनजीत कौर की मां ने शुरुआत से ही रिंकू और परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा पर शक जताया था। इसके बाद पुलिस ने अपहरण वाली रात की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों से पिंदा से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान भी शक के दायरे में आए कुछ लोगों के मनजीत के आसपास आने-जाने की जानकारी पुलिस जांच का हिस्सा है।
रिंकू और शुभी की तलाश तेज
मामले में रिंकू और शुभी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस टीमें दोनों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। गिरफ्तार पिंदा को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस जांच फिलहाल तीन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है—मनजीत कौर को कहां और कैसे ले जाया गया, वारदात किस जगह हुई और इसमें किन-किन लोगों की क्या भूमिका थी।
वहीं, मनजीत कौर के कथित रिश्ते और गर्भावस्था से जुड़े दावों की भी जांच की जा रही है। बच्चे के पिता और विवाद से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि के लिए डीएनए जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया जा सकता है। पुलिस की आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही इन दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
